भागलपुर/कहलगांव। कहलगांव के विधायक पवन कुमार यादव की मुश्किलें मंगलवार को एकसाथ दो मोर्चों पर बढ़ गईं — कोर्ट के अंदर आरोप तय हुए, तो बाहर सड़क पर जनता ने सवाल दाग दिए।
कोर्ट में विधायक और उनके 19 समर्थकों पर आरोप गठित
नौ साल पुराने रंगदारी और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में कोर्ट ने मंगलवार को कहलगांव के विधायक पवन यादव और उनके 19 समर्थकों पर आरोप तय कर दिए।
विशेष MP/MLA कोर्ट (एसीजेएम प्रथम) के न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत में आरोप गठित हुए। सभी आरोपी कोर्ट में मौजूद रहे।
यह मामला 7 अप्रैल 2016 का है, जब एनटीपीसी के महाप्रबंधक ने थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप के अनुसार, जल निकासी के लिए नाला निर्माण हो रहा था, जिसका विधायक और उनके समर्थकों ने विरोध किया।
यह भी आरोप है कि नाला निर्माण का ठेका विधायक को न मिलने से नाराज़ होकर उन्होंने कार्य रुकवाया।
इन 19 पर भी लगे आरोप
मामले में जिन अन्य 19 लोगों पर आरोप तय हुए हैं उनमें मोनिका देवी, गिरिश मंडल, मिथिलेश मंडल, पूनम देवी, ज्योति देवी, प्रभु मंडल, विरेंद्र मंडल उर्फ फुरना मंडल, सुधीर मंडल, बबलू मंडल, बालकृष्ण मंडल, राम शरण मंडल, राजेंद्र मंडल, मनबोध मंडल, अवध किशोर मंडल, जयकांत मंडल, उधो उर्फ शंभू मंडल, सुरेंद्र मंडल, सावित्री देवी और सनातन मंडल शामिल हैं।
सड़क पर जनता का सवाल — “विधायक जी, सड़क कब बनेगी?”
इसी दिन कोर्ट जाते समय विधायक पवन यादव एक और “मुसीबत” में फंस गए। कहलगांव-घोघा रोड पर जाम में फंसे विधायक को एक बाइक सवार से लिफ्ट लेनी पड़ी। बाइक पर विधायक सहित तीन लोग बिना हेलमेट के बैठे दिखे। इस दौरान बाइक सवार ने एनएच-80 की जर्जर हालत पर विधायक से जवाब भी मांग लिया।
विधायक का जवाब था:
“संवेदक को कई बार कहा पुल-पुलिया बना दो, मगर कहता है – आपकी नहीं मानते।”
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जब मीडिया ने इस पर विधायक का पक्ष जानना चाहा, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
(Voice of Bihar इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता।)
क्या बोले लोग?
इस घटना के बाद आम जनता में चर्चा है कि “जिस विधायक को कोर्ट में पेशी से पहले बाइक पर लिफ्ट लेनी पड़े, वही विधायक जनता की सड़कों की मरम्मत कराएगा?”
सोशल मीडिया पर यह मामला ट्रेंड करने लगा है।


