
सीबीजी उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा, किसानों और पर्यावरण को होगा लाभ
पटना, 5 अगस्त 2025: बिहार सरकार के उद्योग विभाग द्वारा होटल मौर्य, पटना में आयोजित “बिहार बायोफ्यूल डायलॉग्स 2025” के विशेष अवसर पर बायोफ्यूल उत्पादन प्रोत्साहन (संशोधित) नीति 2025 का औपचारिक अनावरण किया गया। इस नई नीति का उद्देश्य हरित ऊर्जा, कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) के उत्पादन को प्रोत्साहित करना, किसानों की आय में वृद्धि और सतत विकास को बढ़ावा देना है।
नीति के शुभारंभ में उपमुख्यमंत्री व उद्योग मंत्री रहे मौजूद
इस अवसर पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति में नीति का अनावरण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुई।
इस मौके पर मंच पर कई वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे, जिनमें शामिल रहे:
- मिहिर कुमार सिंह – अपर मुख्य सचिव, उद्योग विभाग
- विजय लक्ष्मी – अपर मुख्य सचिव, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग
- सुरेश कुमार रुंगटा – अध्यक्ष, बिहार राज्य उद्यमी एवं व्यवसायी आयोग
- कुंदन कुमार – प्रबंध निदेशक, BIADA
- सुधीर कुमार पोरिका – डीआईजी, अग्निशमन सेवा
- मुकुल कुमार गुप्ता – निदेशक, उद्योग
- शेखर आनंद – निदेशक (तकनीकी), उद्योग विभाग
- यशपाल मीणा – निदेशक, हस्तशिल्प एवं रेशम उद्योग
- विजय प्रकाश मीणा – अपर सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग
बायोफ्यूल नीति: हरित विकास और निवेश की दिशा में नया कदम
उद्योग निदेशक यशपाल मीणा ने स्वागत भाषण दिया। इसके बाद मिहिर कुमार सिंह ने बायोफ्यूल विशेषकर सीबीजी उत्पादन की संभावनाओं और नीति के प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा, “बिहार में CBG उत्पादन से न केवल पर्यावरण को लाभ होगा बल्कि किसानों और उद्यमियों को भी आर्थिक अवसर प्राप्त होंगे। नई नीति निवेशकों को स्पष्ट दिशा और भरपूर प्रोत्साहन देती है।”
राजनीतिक नेतृत्व के विचार
उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि “यह नीति राज्य की हरित ऊर्जा प्रतिबद्धता को दर्शाती है और किसानों के लिए नई संभावनाएं खोलती है। आने वाले वर्षों में बिहार, बायोफ्यूल उत्पादन में अग्रणी राज्य बनेगा।”
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, “CBG उत्पादन बिहार के लिए आर्थिक, पर्यावरणीय और सामाजिक लाभों का माध्यम बन सकता है। वेस्ट टू वेल्थ की यह सोच भविष्य का मजबूत आधार है।”
निवेशकों ने दिखाई रुचि, सीबीजी इकाइयों को BIADA देगी जमीन
“इंडस्ट्री स्पीक्स” सत्र के दौरान विभिन्न निवेशकों ने बिहार सरकार की नीति की खुलकर सराहना की और CBG क्षेत्र में निवेश की गंभीर इच्छा जताई।
वर्तमान में बिहार में 12 इथेनॉल इकाइयां कार्यरत हैं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 1617.5 किलोलीटर प्रति दिन है। अब राज्य सरकार BIADA के औद्योगिक क्षेत्रों में CBG इकाइयों को 25% भूमि 30 वर्षों के लिए सिर्फ ₹75,000 प्रति एकड़ प्रति वर्ष की दर से पट्टे पर देगी।
राज्य को मिलेगा व्यापक लाभ
इस नीति से राज्य को
- निवेश में वृद्धि,
- रोजगार के अवसर,
- हरित ऊर्जा में आत्मनिर्भरता,
- और कृषि आधारित उद्योगों को गति मिलने की संभावना है।
बिहार बायोफ्यूल डायलॉग्स 2025 न केवल एक संवाद का मंच रहा, बल्कि यह हरित बिहार की ओर एक ठोस कदम के रूप में उभर कर सामने आया।


