
– स्थानांतरण से खाली हुए विद्यालयों में अस्थाई प्रतिनियुक्ति से होगी तैनाती
– शिक्षा विभाग ने 29 पूर्णतः शिक्षक विहीन विद्यालय और 354 एक-शिक्षक विद्यालयों की पहचान की
पटना, 04 अगस्त — बिहार में हाल में हुए बड़े पैमाने पर शिक्षकों के स्थानांतरण के चलते कई सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी देखी जा रही है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों को तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया है।
समीक्षा के दौरान विभाग ने पाया कि राज्य के 29 सरकारी विद्यालय ऐसे हैं जहां एक भी शिक्षक कार्यरत नहीं हैं, जबकि 354 विद्यालय ऐसे हैं जहां केवल एक शिक्षक हैं। कई स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात 40 से अधिक पाया गया है, जो शैक्षणिक गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
डॉ. सिद्धार्थ ने निर्देश दिया है कि जिन विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या अत्यधिक कम हो गई है या कोई शिक्षक कार्यरत नहीं है, वहाँ अस्थायी प्रतिनियुक्ति के माध्यम से तत्काल शिक्षक तैनात किए जाएं, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- प्राथमिक विद्यालयों में कम से कम तीन शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
- मध्य विद्यालयों एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में विषयवार शिक्षक तैनात किए जाएं।
- जिलाधिकारी स्वयं समीक्षा कर प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया तेज करें, ताकि शिक्षण व्यवस्था सुचारू हो।
ज्ञात हो कि हाल के दिनों में राज्य सरकार ने शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया में तेजी लाई थी, जिससे कुछ विद्यालयों से सभी शिक्षक स्थानांतरित हो गए और वहां पढ़ाई रुकने की स्थिति उत्पन्न हो गई है।


