सावन की अंतिम सोमवारी पर अजगैवीनाथ धाम में उमड़ा शिवभक्तों का सैलाब, गूंजा “हर हर महादेव”

सुल्तानगंज (भागलपुर), 4 अगस्त 2025 — सावन की अंतिम सोमवारी पर सुल्तानगंज स्थित विश्वप्रसिद्ध अजगैवीनाथ धाम में शिवभक्तों का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोषों से पूरे नगर का वातावरण भक्तिमय हो गया। उत्तरवाहिनी गंगा में डुबकी लगाने और बाबा भोलेनाथ को जल अर्पित करने के लिए देशभर से आए लाखों श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जलाभिषेक किया।

देशभर से उमड़े श्रद्धालु, कांवरियों की अपार भीड़

इस पावन अवसर पर बिहार, झारखंड, बंगाल, छत्तीसगढ़, नेपाल सहित कई राज्यों से आए कांवरियों ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और गंगाजल से शिवलिंग का जलाभिषेक किया। कई श्रद्धालु तो यहीं से गंगाजल लेकर बैद्यनाथ धाम, देवघर की ओर कांवर यात्रा पर निकल पड़े।

कांवरियों ने कहा

“अंतिम सोमवारी का विशेष पुण्य होता है। बाबा की कृपा से हम हर साल यहां आते हैं और सुकून पाते हैं।”

महंत का दावा: डेढ़ लाख से अधिक कांवरियों ने किया दर्शन

अजगैवीनाथ मंदिर के महंत प्रेमानंद गिरी ने बताया कि,

“सावन की अंतिम सोमवारी को लगभग डेढ़ लाख कांवरियों ने उत्तरवाहिनी गंगा में डुबकी लगाई और बाबा का जलाभिषेक कर देवघर के लिए प्रस्थान किया।”

प्रशासन सतर्क, सुरक्षा और सफाई के पुख्ता इंतजाम

जिला प्रशासन और सुल्तानगंज नगर परिषद की ओर से सुरक्षा और साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की गई थी।
थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार स्वयं पुलिस बल के साथ पूरे क्षेत्र की मॉनिटरिंग करते नजर आए। नगर परिषद की ओर से गंगा घाट से लेकर मंदिर तक सफाई अभियान चलाया गया, जिससे श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।

भक्ति और व्यवस्था का अद्भुत संगम

अंतिम सोमवारी के अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और प्रशासनिक व्यवस्था का ऐसा अद्वितीय संगम देखने को मिला, जो वर्षों तक याद रखा जाएगा। कांवरियों में अदम्य उत्साह, गूंजते जयकारे और शिवभक्ति की गहराई ने अजगैवीनाथ नगरी को पूर्णतः शिवमय कर दिया।


मुख्य बिंदु:

  • स्थान: अजगैवीनाथ मंदिर, सुल्तानगंज (भागलपुर)
  • तिथि: सावन की अंतिम सोमवारी, 4 अगस्त 2025
  • श्रद्धालु संख्या: 1.5 लाख से अधिक
  • विशेषता: उत्तरवाहिनी गंगा से जल लेकर बाबा भोलेनाथ को जलाभिषेक
  • प्रशासनिक निगरानी: थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार, नगर परिषद की सफाई व्यवस्था
  • मं‍दिर से प्रस्थान: लाखों कांवरिया जल लेकर देवघर के लिए रवाना

 

  • Related Posts