
भागलपुर / सन्हौला, 4 अगस्त 2025 — ज़मीन के एक टुकड़े ने एक बार फिर रिश्तों को खून में रंग दिया। सन्हौला थाना क्षेत्र के अमडीहा गांव में सोमवार को जमीन को लेकर चल रहे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच मारपीट के बीच झगड़ा सुलझाने पहुंचे रिटायर्ड शिक्षक अंशुल रहमान (उम्र 71 वर्ष) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई और मृतक के घर में कोहराम मच गया।
रिश्तेदारों ने ही ले ली जान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक अंशुल रहमान के बड़े भाई मोहम्मद अनिसुर रहमान के पुत्र, उनके बेटे और दामाद के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। सोमवार को दोनों पक्षों में विवाद इतना बढ़ गया कि लाठी-डंडे चलने लगे। इसी बीच जब अंशुल रहमान ने झगड़ा छुड़ाने की कोशिश की तो पांच लोगों ने मिलकर उन पर हमला बोल दिया।
आरोप है कि हमलावरों ने लात-घूंसे और डंडों से बेरहमी से पिटाई की, जिससे उनकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। आनन-फानन में उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
पांच नामजद, चार हिरासत में
घटना की सूचना मिलते ही सन्हौला थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के बेटे हाफिजुर रहमान के लिखित आवेदन पर पांच लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। इनकी पहचान इस्तिहाख आलम, इम्तियाज आलम, शाहबाज आलम, शकीर आलम और आजम अंसारी के रूप में हुई है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है। वहीं, एक आरोपी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
“बचाने गए थे, मार डाले गए” – पीड़ित परिजन
मृतक के परिजन मकसूद आलम ने बताया कि मृतक ने हमेशा परिवार में सुलह-सफाई की कोशिश की थी। लेकिन जिस झगड़े को सुलझाने वह गए, उसी में उनकी जान ले ली गई। उन्होंने बताया कि मृतक की किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी।
गांव में मातमी सन्नाटा
घटना के बाद अमडीहा गांव में तनावपूर्ण माहौल है। मृतक के घर में शोक और क्रोध दोनों का माहौल है। परिजन लगातार बेसुध हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
पुलिस की सतर्कता, आगे की जांच जारी
सन्हौला थाना प्रभारी ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह पूर्व से चल रहे जमीनी विवाद का परिणाम प्रतीत हो रहा है। पुलिस घटना के हर पहलू की जांच कर रही है और सभी आरोपियों के खिलाफ क़ानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
नोट: जमीनी विवादों से उपजे इस तरह के पारिवारिक संघर्ष सामाजिक ताने-बाने के लिए गहरी चेतावनी हैं। ज़रूरत है समय रहते समाधान और समझदारी की।


