मुंगेर, बिहार।शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मुंगेर जिले के गोखुल ग्राम स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में बीते 15 वर्षों से एक मृत महिला के नाम पर नौकरी करने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस जालसाजी की परतें प्रमंडलीय आयुक्त अवनीश कुमार सिंह की लोक जन शिकायत की सुनवाई के दौरान खुलीं।
मृत प्रमिला के नाम पर जिंदा थी नौकरी!
जांच में सामने आया कि प्रमिला कुमारी, जो अनिल कुमार यादव की मृत पत्नी थीं, उनके शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों का फर्जी इस्तेमाल कर एक महिला रेखा कुमारी ने शिक्षिका की नौकरी हथिया ली थी। रेखा कुमारी बीते 15 वर्षों से प्रमिला कुमारी के नाम पर सेवा दे रही थी और हर माह वेतन भी उठा रही थी।
अब होगी कानूनी कार्रवाई
प्रमंडलीय आयुक्त ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए रेखा कुमारी उर्फ प्रमिला कुमारी के खिलाफ विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई का निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी को दे दिया है। माना जा रहा है कि जल्द ही एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर शिक्षा विभाग की नियुक्ति प्रक्रिया और दस्तावेज सत्यापन प्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। आखिर कैसे एक मृत महिला के नाम पर सालों तक नौकरी चलती रही और किसी को भनक तक नहीं लगी?
लोक शिकायत मंच बना खुलासे का माध्यम
आयुक्त अवनीश कुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित लोक जन शिकायत निवारण कार्यक्रम में जब शिकायतकर्ता ने यह मामला उठाया, तो प्रारंभिक जांच में ही पूरा फर्जीवाड़ा उजागर हो गया। आयुक्त ने तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्रवाई का निर्देश दिया।
अब बड़ा सवाल ये है:
“क्या रेखा कुमारी अकेले इस खेल में शामिल थीं या इस फर्जीवाड़े के पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा था?”


