मुंगेर के नए डीएम बने निखिल धनराज निप्पणीकर, अरविंद कुमार वर्मा 55 दिन में रिलीव

मुंगेर | 31 जुलाई 2025: बिहार के मुंगेर जिले में एक बार फिर जिलाधिकारी का बदलाव हुआ है। राज्य सरकार ने 2018 बैच के आईएएस अधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर को मुंगेर का 171वां जिलाधिकारी नियुक्त किया है। उन्होंने अरविंद कुमार वर्मा का स्थान लिया है, जिनका कार्यकाल मात्र 55 दिनों का रहा। इस त्वरित प्रशासनिक फेरबदल को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।


कौन हैं निखिल धनराज निप्पणीकर?

निखिल धनराज वर्तमान में हस्तकरघा एवं रेशम निदेशालय, उद्योग विभाग, पटना में निदेशक के पद पर कार्यरत थे। इससे पूर्व वे मुंगेर नगर निगम के नगर आयुक्त और लखीसराय के डीडीसी रह चुके हैं। उन्हें जिले की भौगोलिक और प्रशासनिक जानकारी है, इसलिए उन्हें दोबारा इस जिले की कमान सौंपी गई है।


अरविंद कुमार वर्मा का अचानक तबादला क्यों?

2012 बैच के आईएएस अधिकारी अरविंद कुमार वर्मा ने 6 जून 2025 को मुंगेर में पदभार ग्रहण किया था। लेकिन महज 55 दिनों के भीतर ही सामान्य प्रशासन विभाग ने उनका तबादला कर दिया और उन्हें सचिवालय में पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखा गया है।
सूत्रों के अनुसार, जिले में एक प्रभावशाली नेता के निजी समारोह में शामिल न होने के कारण नाराज़गी उत्पन्न हुई, जिससे यह बदलाव संभव हुआ।

हालांकि, वर्मा ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा है:

“यह मेरा निजी निर्णय था। मैंने स्वयं विभाग से निवेदन किया था कि मुझे सचिवालय में कार्य करने का अवसर दिया जाए।”


वर्मा का प्रशासनिक अनुभव

अरविंद कुमार वर्मा पूर्व में बेगूसराय, बक्सर और मधुबनी में जिलाधिकारी रह चुके हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने मुजफ्फरपुर में डीडीसी, दानापुर में एसडीओ, और आईआरएस सेवा में मुंबई में एक वर्ष तक सहायक आयुक्त के रूप में कार्य किया था। वे उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के निवासी हैं।


बदलाव पर राजनीतिक चर्चा

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा ज़ोर पकड़ रही है कि एक नेता के कार्यक्रम में वर्मा की अनुपस्थिति उनकी पदस्थापना का कारण बनी। पूर्व में भी बिहार प्रशासनिक सेवा में ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां अधिकारियों के तबादले किसी राजनीतिक असंतोष की पृष्ठभूमि में हुए।


नए डीएम से उम्मीदें

निखिल धनराज निप्पणीकर पूर्व में मुंगेर में कार्य कर चुके हैं, जिससे लोगों को उम्मीद है कि वे शहरी योजना, आधारभूत संरचना और विकास कार्यों में तेजी लाएंगे। प्रशासनिक सादगी और जनसंपर्क में दक्षता को लेकर वे पहले ही लोगों के बीच सकारात्मक छवि बना चुके हैं।

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