
- कर्नाटक, त्रिपुरा और जम्मू-कश्मीर को मिला विशेष लाभ
- देशभर में 34 फिशरीस क्लस्टर अधिसूचित
नई दिल्ली, 29 जुलाई 2025: पिछले पाँच वर्षों (2020-21 से 2024-25) में प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के अंतर्गत देशभर में मत्स्य पालन अवसंरचना को व्यापक प्रोत्साहन मिला है। मत्स्यपालन विभाग, मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने कर्नाटक, त्रिपुरा और जम्मू-कश्मीर सहित विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 17,210.46 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की है, जिसमें से 6,761.80 करोड़ रुपए केंद्रीय अंश के रूप में दिए गए हैं।
फिशरीस सेक्टर में बढ़ते निवेश और रोजगार
PMMSY के अंतर्गत चल रही परियोजनाएं तालाब निर्माण, फिशिंग हारबर्स, हैचरी, डीप सी फिशिंग, कोल्ड स्टोरेज, वैल्यू एडिशन यूनिट्स, री-सर्क्युलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम, केज कल्चर जैसे कार्यों को कवर करती हैं। इसके परिणामस्वरूप:
- कर्नाटक में लगभग 2.60 लाख,
- त्रिपुरा में 1.42 लाख,
- और जम्मू-कश्मीर में 26 हजार से अधिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उत्पन्न हुए हैं।
राज्यवार निवेश और परियोजनाएं (अनुबंध-I):
- कर्नाटक: ₹1058.98 करोड़ — फिशिंग हारबर, तालाब निर्माण, डीप सी फिशिंग, कोल्ड स्टोरेज आदि।
- त्रिपुरा: ₹259.74 करोड़ — एक्वा पार्क, बायोफ्लॉक यूनिट्स, वैल्यू एडिशन यूनिट्स आदि।
- जम्मू-कश्मीर: ₹150.20 करोड़ — ट्राउट रेसवे, ट्रांसपोर्टेशन, फिश कियोस्क, ट्राउट हैचरी आदि।
फिशरीस क्लस्टर से उत्पादन और बाजार लिंक मजबूत (अनुबंध-II):
देशभर में 34 फिशरीस क्लस्टर अधिसूचित किए गए हैं। इनमें से प्रमुख क्लस्टर हैं:
- बिहार: आर्द्रभूमि मत्स्यपालन (सिवान, गोपालगंज, छपरा)
- कर्नाटक: सी केज क्लस्टर (कारवार)
- सिक्किम और मेघालय: ऑर्गेनिक फिश फार्मिंग क्लस्टर
- उत्तर प्रदेश: पंगेसियस क्लस्टर (सिद्धार्थनगर)
- जम्मू-कश्मीर: ठंडे पानी का मत्स्यपालन (अनंतनाग)
मत्स्य किसान संगठनों को बढ़ावा
मछुआरों की बाजार सौदेबाजी क्षमता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने:
- 2000 मौजूदा सहकारी समितियों को FFPOs में बदलने,
- 195 नए फिश फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन्स (FFPOs) बनाने,
- और 2032 तक 12,000 नई सहकारी समितियों के गठन की योजना बनाई है।
इसके साथ ही, PMMSY की उप-योजना PM-MKSSY के अंतर्गत 5500 प्राथमिक मात्स्यिकी सहकारी समितियों को व्यवस्थित और सशक्त बनाने की योजना है।
स्टार्टअप और नवाचार को भी बढ़ावा
मत्स्यपालन मंत्रालय ने स्टार्टअप इंडिया मिशन के तहत फिशरीस स्टार्टअप्स को सीड फंडिंग और इनक्यूबेशन सहायता प्रदान की है। अब तक ₹31.22 करोड़ की सब्सिडी के साथ 39 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है।


