खगड़िया में दर्दनाक नाव हादसा: दो सगी बहनों की डूबने से मौत, इलाके में मचा कोहराम

खगड़िया, बिहार। जिले के गोगरी अनुमंडल क्षेत्र से एक दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जहां सोमवार को एक नाव पलटने से दो मासूम सगी बहनों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा बिनटोली इलाके में सहायक नदी के किनारे हुआ। घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

चारा लेकर लौट रहे थे ग्रामीण, नाव पलटने से मचा हड़कंप

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा तब हुआ जब लगभग दस ग्रामीण नाव से दियारा क्षेत्र से पशुओं का चारा लेकर लौट रहे थे। जैसे ही नाव किनारे के करीब पहुंची, तेज बहाव और अधिक भार के कारण नाव असंतुलित हो गई और पलट गई। नाव पर सवार चार लोग पानी में गिर गए। हालांकि इनमें से दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन दो मासूम बहनें गहरे पानी में समा गईं।

मृतक बहनों की पहचान

नाव दुर्घटना में जिन दो बहनों की जान गई, उनकी पहचान देवेंद्र तांती उर्फ देवेंद्र शर्मा की पुत्रियों संजना कुमारी (17 वर्ष) और पीहू कुमारी (8 वर्ष) के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाव पर सवार लोगों ने खुद भी बचाव का प्रयास किया, लेकिन बहाव तेज होने की वजह से दोनों बहनें डूब गईं।

स्थानीय गोताखोरों ने निकाले शव, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने स्थानीय गोताखोरों को बुलाया। काफी मशक्कत के बाद दोनों बहनों को पानी से बाहर निकाला गया और गोगरी रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच जारी

घटना की सूचना पर गोगरी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गोगरी थाना प्रभारी अजीत कुमार ने बताया कि, “दोनों शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कानूनी औपचारिकताओं के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।”

गांव में मातम, परिजनों की हालत नाजुक

इस घटना के बाद बिनटोली गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मृत बच्चियों के माता-पिता और परिजन बेसुध हैं। पूरे गांव में गमगीन माहौल है और लोग घटना को लेकर गहरे सदमे में हैं।


यह हादसा एक बार फिर से अवैध और असुरक्षित नाव परिवहन व्यवस्था की ओर ध्यान आकर्षित करता है, जो कि दियारा इलाकों में आम बात बनती जा रही है। प्रशासन से अपेक्षा है कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।


 

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