नगरह के विषहरी स्थान में आस्था का चमत्कार: खाली कलश से निरंतर निकलता है जल

भागलपुर, नवगछिया – आस्था और चमत्कार का संगम देखना हो तो नवगछिया अनुमंडल के नगरह गांव स्थित विषहरी स्थान अवश्य जाएं। यहां हर मंगलवार और शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, और इसका कारण है — एक चमत्कारी कलश, जिससे खाली होने के बावजूद लगातार जल निकलता रहता है

चमत्कारी कलश बना लोगों की आस्था का केंद्र

स्थानीय मान्यता के अनुसार, यह कलश कोई सामान्य घड़ा नहीं, बल्कि औषधीय एवं आध्यात्मिक शक्ति से भरपूर चमत्कारी स्रोत है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस कलश का जल पीने से गंभीर और लाइलाज बीमारियां तक ठीक हो जाती हैं। यह स्थल अब सिर्फ पूजा का नहीं, बल्कि उपचार और चमत्कार का केंद्र बन चुका है।

चंद्र बाबा की सेवा से निखर रहा आस्था का यह तीर्थ

वर्षों से इस स्थल की सेवा में समर्पित स्थानीय संत चंद्र बाबा बताते हैं –

“यह कलश एक दैवीय वरदान है। यहां जो भी सच्ची श्रद्धा से आता है, उसकी बीमारी दूर होती है। यह जल साधारण नहीं, इसमें चमत्कारी गुण हैं।”

उनके अनुसार, यहां ऐसे कई श्रद्धालु आते हैं, जो इलाज से निराश हो चुके होते हैं, लेकिन इस जल को पीने और पूजा करने के बाद स्वस्थ होकर लौटते हैं

मंगलवार और शनिवार को लगता है श्रद्धा का मेला

हर सप्ताह मंगलवार और शनिवार को यहां विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है। इसे स्थानीय लोग ‘धाम’ के रूप में मनाते हैं। यहां आने वाले श्रद्धालु कलश का जल अपने घर भी ले जाते हैं, ताकि वहां भी इसकी चमत्कारी ऊर्जा बनी रहे।

श्रद्धालुओं के अनुभव से बढ़ा विश्वास

  • गौरव साह, जो सहरसा से आए थे, ने बताया –

    “मेरे पिता को पुरानी श्वास की बीमारी थी, हमने कई अस्पतालों का चक्कर लगाया। लेकिन यहां का जल पीने और चंद्र बाबा की सलाह से पूजा करने के बाद अब वे पूरी तरह स्वस्थ हैं।”

  • मंजू देवी, जो भागलपुर शहर से आई थीं, कहती हैं –

    “यह कोई भ्रम नहीं, यह अनुभव है। मैंने स्वयं अपने बेटे की स्किन एलर्जी को इस जल से ठीक होते देखा है।”

एक तीर्थ, जो बन रहा है विश्वास का प्रतीक

नगरह गांव का यह विषहरी स्थान आज सिर्फ धार्मिक महत्व का नहीं, बल्कि जनमानस में चमत्कार और विश्वास का प्रतीक बन गया है। यह स्थान यह भी बताता है कि आस्था और परंपरा के साथ जब अध्यात्म और सेवा जुड़ जाए, तो वह स्थल तीर्थ बन जाता है।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण):इस समाचार में वर्णित घटनाएं, श्रद्धालुओं की मान्यताएं और चमत्कार संबंधी अनुभव आस्था और व्यक्तिगत विश्वास पर आधारित हैं। “Voice of Bihar” इन दावों की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं करता और न ही किसी चमत्कारिक शक्ति की गारंटी देता है। रोग से संबंधित किसी भी समस्या के लिए पाठकों को प्रामाणिक चिकित्सा परामर्श लेने की सलाह दी जाती है। यह रिपोर्ट सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संदर्भ में प्रस्तुत की गई है।

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