
पटना, 28 जुलाई 2025।उत्तर बिहार के 16 जिलों में अल्प वर्षापात के कारण उत्पन्न स्थिति की गंभीर समीक्षा विकास आयुक्त सह अपर मुख्य सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में की गई। बैठक में जिलों की बिजली, पेयजल, सिंचाई और खरीफ फसल की स्थिति की समीक्षा की गई।
उत्तर बिहार में वर्षा की स्थिति चिंताजनक
जहां दक्षिण बिहार में मानसून सामान्य रहा, वहीं उत्तर बिहार में वर्षा की भारी कमी देखी गई है। इस कारण भू-जल स्तर, फसल बुआई और ग्रामीण जलापूर्ति पर असर पड़ा है।
जिला पदाधिकारियों को निर्देश
बैठक में समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, गोपालगंज, सीवान, पूर्वी-पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, सुपौल, मधेपुरा और सहरसा जिलों के डीएम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शामिल हुए।
प्रत्यय अमृत ने निर्देश दिया कि:
- गांवों में बिजली और पेयजल की आपूर्ति प्राथमिकता पर सुनिश्चित की जाए।
- पेयजल हेतु नए चापाकल लगाए जाएं और खराब चापाकलों की मरम्मत हो।
- कृषि फीडर को प्रतिदिन 14 घंटे बिजली आपूर्ति दी जाए।
- नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने की विशेष व्यवस्था हो।
- लापरवाही बरतने पर संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
उपस्थित अधिकारी और विभागीय समन्वय
बैठक में कृषि विभाग, जल संसाधन विभाग, पीएचईडी, बिजली बोर्ड और आपदा प्रबंधन विभाग के शीर्ष अधिकारी शामिल रहे। उन्होंने खरीफ फसलों की बुआई, नहरों की स्थिति, और जल संकट के प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की।
राज्य सरकार की प्रतिबद्धता
विकास आयुक्त ने कहा कि राज्य सरकार अल्प वर्षा से प्रभावित जिलों में त्वरित और प्रभावी राहत पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने का निर्देश दिया।
यह समीक्षा बैठक राज्य सरकार की गंभीरता और तत्परता को दर्शाती है ताकि किसी भी संभावित जल संकट या कृषि संकट को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।


