भागलपुर | 27 जुलाई 2025: सावन के पवित्र महीने में भक्ति और गौ सेवा का अद्भुत संगम इस बार सुल्तानगंज में देखने को मिला, जब झारखंड के कोडरमा जिले के झुमरीतिलैया की रहने वाली कुसुम साहू ने 21 लीटर गंगाजल के साथ लगभग 400 किलोमीटर की पदयात्रा कर अजगैबीनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया।
इस विशेष यात्रा की खास बात यह रही कि कुसुम के साथ हर कदम पर बाल गोपाल की पीतल की मूर्ति भी रही, जो उनकी आस्था और भक्ति का प्रतीक बनी रही। रास्ते भर वे गायों की सेवा और सनातन संस्कृति के संदेशों से लोगों को प्रेरित करती रहीं।
अब बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर दूसरी चरण की यात्रा शुरू
अजगैबीनाथ में जलाभिषेक के बाद कुसुम ने उत्तर वाहिनी गंगा में डुबकी लगाकर पुनः 21 लीटर जल लिया और अब वे बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर होते हुए बासुकीनाथ धाम तक की 150 किलोमीटर लंबी पदयात्रा पर निकल चुकी हैं।
इस अभियान में उनके पिता भी साथ चल रहे हैं, और कोडरमा से कई गौ-सेवक इस पदयात्रा में शामिल होकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
गौ सेवा को बनाया जीवन उद्देश्य
कुसुम साहू का कहना है कि वे बाबा से यही प्रार्थना करेंगी कि देश का हर सनातनी गौ सेवा को अपनाए और कोई भी गोधन (गाय) सड़कों पर बेसहारा न दिखे। उनकी यह यात्रा न सिर्फ धार्मिक आस्था की मिसाल है, बल्कि एक सामाजिक संदेश भी देती है कि गौ सेवा ही सच्ची सेवा है।


