पटना। गैंगस्टर चंदन मिश्रा हत्याकांड में पकड़े गए मुख्य शूटर तौसीफ रजा उर्फ बादशाह से पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। तीन दिन की रिमांड के बाद उसे जेल भेज दिया गया है, लेकिन इस हाई-प्रोफाइल केस में जांच तेजी से जारी है।
शेरू सिंह को पहले से थी जानकारी, चंदन के करीबी ने दी थी सूचना
- चंदन मिश्रा 15 जुलाई को पारस अस्पताल में भर्ती हुआ था।
- शेरू सिंह को इसकी पहले से जानकारी थी, जो चंदन के ही एक करीबी ने दी थी।
- फोन पर चंदन और शेरू के बीच बहस हुई थी: “तुम मेरा रेकी करवा रहे हो।”
रेकी से लेकर हत्या तक की प्लानिंग
- 11 जुलाई को ही समनपुरा स्थित निशु खान के घर पर शूटर इकट्ठा हुए थे।
- तौसीफ और उसके साथियों ने कई दिनों तक पारस अस्पताल और भागने के रूट की रेकी की थी।
शेरू को बिहार लाने की तैयारी
- मास्टरमाइंड शेरू सिंह फिलहाल पुरुलिया जेल में बंद है।
- पटना पुलिस उसे बहुत जल्द रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
बलवंत की भूमिका और झूठ
- बलवंत और रवि रंजन इस वक्त PMCH में इलाजरत हैं।
- पुलिस की मानें तो बलवंत की भूमिका तौसीफ से कहीं ज्यादा गहरी है।
- पूछताछ में वह बार-बार गुमराह कर रहा है और झूठ बोल रहा है।
पुलिस की सख्त तैयारी, केस डायरी पर विशेष ध्यान
- केस डायरी बिहार सरकार के महाधिवक्ता के परामर्श से लिखी जा रही है।
- DGP विनय कुमार और जोनल IG जितेंद्र कुमार खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
- डे-बाय-डे केस डायरी तैयार की जा रही है।
हत्या के बाद बनाया गया वीडियो
- तौसीफ ने बताया कि गोली मारने के बाद चंदन की मौत की पुष्टि करने के लिए उसे हिला-डुला कर देखा।
- फिर मोबाइल से वीडियो बनाया और वहां से भाग गया।
- पुलिस ने उसके तीन मोबाइल गया से बरामद किए हैं जिन्हें FSL भेजा गया है।
हथियार अब भी लापता
- मर्डर में इस्तेमाल हथियार का अब तक पता नहीं चल पाया है।
- तौसीफ के मुताबिक, बलवंत ने हत्या से पहले हथियार दिए थे और बाद में वापस ले लिए।
शेरू ने भेजे थे तेल भरवाने के पैसे
- हत्या के बाद तौसीफ और निशु खान कोलकाता भागे।
- रास्ते में शेरू के आदमी ने पेट्रोल के लिए 9000 रुपये खाते में भेजे थे।


