मतदाता पुनरीक्षण पर बयान भारी पड़ा, जदयू सांसद गिरिधारी यादव को कारण बताओ नोटिस

पटना, 25 जुलाई 2025 — जदयू नेतृत्व ने पार्टी सांसद गिरिधारी यादव को मतदाता सूची पुनरीक्षण को “चुनाव आयोग का तुगलकी फरमान” कहने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पार्टी ने उनके बयान को पार्टी लाइन के खिलाफ बताते हुए इस पर 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।

पार्टी ने जताई नाराजगी, नोटिस जारी

जदयू के राष्ट्रीय महासचिव आफाक अहमद खान द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि गिरिधारी यादव का यह बयान गैर-जिम्मेदाराना और अनुशासनहीनता के दायरे में आता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस मुद्दे पर विपक्ष पहले से ही सरकार पर हमलावर है, और ऐसे समय में सांसद का बयान पार्टी की रणनीति को नुकसान पहुंचा सकता है।

गिरिधारी यादव ने दी सफाई

हालांकि, बयान के बाद गिरिधारी यादव ने सफाई दी थी कि उनका यह वक्तव्य व्यक्तिगत राय थी और इससे पार्टी के आधिकारिक रुख का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, “यह मेरी निजी टिप्पणी थी, न कि पार्टी की तरफ से आधिकारिक प्रतिक्रिया।”

पार्टी लाइन से इतर बोलना पड़ेगा भारी?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच सत्ता पक्ष का यह अंतर्विरोध जदयू के लिए असहज स्थिति उत्पन्न कर सकता है।


 

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