भागलपुर, 24 जुलाई 2025 — “आज बनेगा कल का बिहार” की थीम पर आधारित बिहार आइडिया फेस्टिवल का आयोजन बुधवार को बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नवाचार, स्वरोजगार और स्टार्टअप के प्रति प्रेरित करना रहा।
गौरवमयी उपस्थिति और शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति (VC), बिहार कृषि विश्वविद्यालय की गरिमामयी उपस्थिति में हुई, जबकि अध्यक्षता जिला पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने की।
इस अवसर पर अनुसंधान निदेशक, उप विकास आयुक्त (DDC), महाप्रबंधक (GM, DIC), सहायक निदेशक उद्योग, एवं जिला उद्योग केंद्र (DIC) के सभी वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
छात्रों और जीविका दीदियों की जोशीली भागीदारी
फेस्टिवल में 400 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जिन्होंने अपने उद्यमिता और नवाचार आधारित विचारों को प्रस्तुत किया।
साथ ही बड़ी संख्या में जीविका दीदियाँ भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने आत्मनिर्भरता और स्थानीय उत्पाद आधारित आजीविका के अपने प्रेरक अनुभव साझा किए।
उद्देश्य और संदेश
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और महिलाओं को स्टार्टअप, स्थानीय उद्योगों एवं नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मंच देना था।
सभी वक्ताओं ने प्रतिभागियों के विचारों की प्रशंसा करते हुए उन्हें तकनीकी, वित्तीय और मार्गदर्शकीय सहयोग देने का आश्वासन दिया।
आत्मनिर्भर बिहार की दिशा में प्रेरणादायी कदम
बिहार आइडिया फेस्टिवल न केवल युवाओं के विचारों को आकार देने का मंच बन रहा है, बल्कि यह महिलाओं की भागीदारी को भी सशक्त बना रहा है।
कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय समस्याओं के नवोन्मेषी समाधान खोजने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल की गई है।
फेस्टिवल की सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया कि बिहार की नई पीढ़ी विचारों और नवाचार की शक्ति से सुसज्जित है।
यह आयोजन निश्चित रूप से प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति और स्वावलंबन को मजबूती प्रदान करेगा।


