गंगा कटाव से सबौर का ममलखा गाँव खतरे में, जल संसाधन विभाग ने शुरू किया युद्धस्तर पर बचाव कार्य

भागलपुर, 24 जुलाई 2025 — गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि और तेज कटाव ने सबौर प्रखंड के ममलखा ग्राम में संकट की स्थिति उत्पन्न कर दी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल संसाधन विभाग, बिहार सरकार ने युद्धस्तर पर बाढ़ संघर्षात्मक कार्य शुरू कर दिए हैं।


जलस्तर खतरे के करीब, कटाव तेज

बृहस्पतिवार सुबह 6 बजे भागलपुर गेज स्थल पर गंगा का जलस्तर 33.38 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से मात्र 0.30 मीटर नीचे है। अधिकारियों के अनुसार, जलस्तर में वृद्धि की प्रवृत्ति बनी हुई है, जिससे कटाव और अधिक तेज हो गया है।


रात-दिन चल रहा सुरक्षा कार्य

गंभीर परिस्थिति को देखते हुए विभाग ने दिवा-रात्रि निगरानी और कार्य तेज कर दिए हैं। कटावग्रस्त स्थल पर पर्याप्त मात्रा में बाढ़ सुरक्षा सामग्री और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे रात के समय भी कार्य जारी रह सके।

मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता समेत सभी तकनीकी अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और हर क्षण की निगरानी कर रहे हैं।


मुख्यालय से पहुँचा विशेष तकनीकी दल

स्थिति को गंभीर मानते हुए पटना मुख्यालय से एक विशेष तकनीकी टीम को भेजा गया है, जिसमें डैम सुरक्षा निदेशक, एक कार्यपालक अभियंता और एक सहायक अभियंता शामिल हैं।
टीम ने कटाव की तकनीकी जांच के साथ-साथ बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।


सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सामग्री भेजी गई

निकटवर्ती क्षेत्रों से बाढ़ सुरक्षा सामग्री, जैसे बोरियां, बोल्डर, गिट्टी आदि ममलखा ग्राम में पहुँचाई जा रही है। आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए लॉजिस्टिक तैयारियों को सुदृढ़ किया गया है।


विभाग की अपील: घबराएं नहीं, सतर्क रहें

जल संसाधन विभाग ने स्थानीय लोगों से अफवाहों से बचने और विभागीय निर्देशों का पालन करने की अपील की है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि हर स्तर पर निगरानी और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जा रहे हैं।

“हम पूरी सतर्कता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी है।”
— जल संसाधन विभाग, बिहार सरकार


गंगा कटाव से सबौर का ममलखा गाँव खतरे में, जल संसाधन विभाग ने शुरू किया युद्धस्तर पर बचाव कार्य
गंगा के कटाव से प्रभावित ममलखा ग्राम में स्थिति भले ही गंभीर हो, परंतु जल संसाधन विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया और तकनीकी निगरानी से स्थानीय लोगों को फिलहाल राहत मिली है। प्रशासनिक सक्रियता और सतत निगरानी से संभावित आपदा पर नियंत्रण की उम्मीद जताई जा रही है।


 

  • ये भी पढ़े..

    देश के सबसे चर्चित NEET पेपर लीक मामले में बड़ा मोड़, CBI ने संजीव मुखिया को दी राहत

    Share Add as a preferred…

    बिहार के 19 खिलाड़ियों को मिलेगा सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र, 637 खिलाड़ियों को दी जाएगी खेल छात्रवृत्ति

    Share Add as a preferred…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *