
पटना, 23 जुलाई 2025: राज्य में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने एक बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए इसके सरगना हर्षित को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद अब पूरे गिरोह की गहन पड़ताल शुरू कर दी गई है। ईओयू ने हर्षित से जुड़े सभी नेटवर्क की जांच करते हुए फर्जी पहचान पत्र पर खरीदे गए हजारों सिम कार्ड, बैंक खातों में हुए करोड़ों रुपये के लेन-देन और क्रिप्टो करेंसी के जरिए विदेशी लेन-देन जैसे अहम बिंदुओं पर जांच तेज कर दी है।
देशभर में फैला गिरोह का जाल
जांच में सामने आया है कि हर्षित और उसके गिरोह ने झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में फर्जी पहचान के आधार पर हजारों सिम कार्ड खरीदे। इन सिमों का प्रयोग साइबर ठगी में किया गया।
ईओयू को आशंका है कि इस तरह के सिम बॉक्स उपकरण का इस्तेमाल अन्य गिरोहों द्वारा भी किया गया है।
सीबीआई और आईबी भी शामिल
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई की आर्थिक अपराध इकाई और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की विशेष टीमें भी पटना पहुंच चुकी हैं। इन एजेंसियों ने ईओयू के साथ साझा जांच प्रारंभ कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, गिरोह के तार विदेशों से भी जुड़े हैं और लेन-देन का बड़ा हिस्सा डार्क वेब और क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से किया गया है।
बड़े पैमाने पर बैंक खातों की जांच
ईओयू ने हर्षित के एक बैंक खाते को सील कर दिया है, जिसमें ढाई करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा है। इसके अलावा 35 से अधिक बैंक खातों की पहचान की गई है जिनमें करोड़ों के लेन-देन की जानकारी एकत्र की जा रही है।
ईओयू चला रही सघन अभियान
एडीजी ईओयू नैयर हसनैन खान के अनुसार, गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर राज्यभर में रैंडम जांच व छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। ईओयू ने सघन पड़ताल के लिए विशेष रणनीति तैयार की है और जल्द ही इस मामले में कई अन्य गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई गई है।


