भागलपुर: बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने 20 जुलाई 2025 को जिला अतिथि गृह, भागलपुर में भागलपुर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की वित्तीय समीक्षा की। बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2024-25 के प्रदर्शन की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में बैंक के प्रबंध निदेशक पप्पू कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में बैंक ने 408.21 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। इस दौरान बैंक की स्थिति निम्नलिखित रही:
- कुल पूंजी: ₹8802.37 लाख
- रिज़र्व और सरप्लस: ₹5780.32 लाख
- कुल जमा: ₹20267.06 लाख
- कुल ऋण वितरण: ₹24109.51 लाख
- कुल निवेश: ₹24009.84 लाख
- ग्राहकों को ऋण वितरण: ₹28640.81 लाख
कृषि और गैर-कृषि ऋण वितरण
वित्तीय वर्ष 2024-25 में बैंक द्वारा:
- कृषि क्षेत्र में: 628 ग्राहकों को ₹195.14 लाख
- गैर-कृषि क्षेत्र में: 418 ग्राहकों को ₹280.96 लाख ऋण वितरित किया गया।
- धान अधिप्राप्ति मद के तहत: ₹46764.30 लाख की राशि लगभग 25,000 किसानों के खातों में RTGS/NEFT के माध्यम से सीधे स्थानांतरित की गई।
बैंक की वर्तमान स्थिति
- क्रेडिट रेटिंग: B
- CRAR (पूंजी पर्याप्तता अनुपात): 25.95%
- क्रेडिट-डिपॉज़िट अनुपात: 141.32%
मंत्री के निर्देश और भविष्य की कार्ययोजना
समीक्षा बैठक के उपरांत सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने बैंक प्रबंधन को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए, जिनमें शामिल हैं:
- बैंक का पूर्णतः कंप्यूटरीकरण सुनिश्चित किया जाए।
- सभी कर्मियों को खाता खोलने का लक्ष्य तय कर अनुपालन सुनिश्चित करें।
- बैंक की सभी संपत्तियों की चारदीवारी कराई जाए।
- शाखाओं में ग्राहकों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
- सभी शाखाओं का आधुनिकीकरण हो।
- कैंप आयोजन की तिथि पूर्व सूचना सहित सभी हितधारकों को दी जाए।
- जनधन खाता खोलने में वृद्धि की जाए।
- बैंक की प्रगति हेतु विकास कार्य योजना तैयार कर उस पर नियमित कार्य किया जाए।
15 जिलों में जल्द खुलेंगे सहकारी बैंक
मंत्री ने जानकारी दी कि बिहार के 38 में से 23 जिलों में सहकारी बैंक पहले से संचालित हैं। शेष 15 जिलों में सहकारी बैंकों की स्थापना की प्रक्रिया प्रगति पर है। जिन प्रखंडों में सहकारी बैंकों की शाखाएं नहीं हैं, वहां भी शाखाएं खोलने की कार्यवाही जारी है।


