लखीसराय: राज्य में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद शराब तस्करों का नेटवर्क लगातार सक्रिय है। इसी कड़ी में रविवार देर रात लखीसराय पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। गुप्त सूचना के आधार पर जमुई मोड़ के पास बाजार समिति क्षेत्र में एक ट्रक को रोककर जब तलाशी ली गई, तो पुलिस की टीम भी हैरान रह गई—ट्रक से 527 कार्टन में भरी 4666.6 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई।
ट्रक से शराब बरामद, दो गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि BR-09HH-8032 नंबर का ट्रक शराब तस्करी में इस्तेमाल किया जा रहा था। यह शराब झारखंड, उत्तर प्रदेश और पंजाब में सप्लाई के लिए भेजी जा रही थी। ट्रक को जब्त कर लिया गया है और दो तस्करों—कृष्ण धीवर (30 वर्ष) और पिंटू कुमार को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है।
चालक भागने की कोशिश में नाकाम
थानाध्यक्ष अमित कुमार के अनुसार, उन्हें पहले से सूचना मिली थी कि शराब की एक बड़ी खेप लखीसराय से गुजरने वाली है। इसके बाद रविवार रात एक विशेष जांच अभियान चलाया गया। संदिग्ध ट्रक को रोकने पर चालक फरार होने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस की सतर्कता से उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया।
शराब माफिया की तलाश में छापेमारी
पुलिस ने जब्त शराब और गिरफ्तार आरोपियों के आधार पर तस्करी नेटवर्क की गहराई से जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर जल्द ही शराब माफिया के मुख्य सरगनाओं तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी। इस सिलसिले में जिले के कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी तेज कर दी गई है।
पृष्ठभूमि में शराबबंदी, फिर भी सक्रिय नेटवर्क
बिहार में वर्ष 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन इसके बावजूद राज्य में लगातार शराब की तस्करी और खपत की घटनाएं सामने आ रही हैं। लखीसराय की यह कार्रवाई एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि कानून के बावजूद तस्करों का नेटवर्क इतने बड़े पैमाने पर कैसे सक्रिय है?
अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस इस कार्रवाई के जरिए शराब माफिया की जड़ों तक कितनी जल्दी पहुंच पाती है।


