पटना, 19 जुलाई 2025: बिहार सरकार ने राज्य के सभी घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राहत देते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। अब हर महीने 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाएगी, जिससे 1.86 करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत 1.67 करोड़ उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनका मासिक बिजली खपत 125 यूनिट से कम है — उन्हें अब कोई बिजली बिल नहीं देना होगा।
ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं को होगी बचत
सरकार के निर्णय के अनुसार:
- ग्रामीण उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट ₹2.45 की सब्सिडी दर पर बिजली दी जाती है। इस हिसाब से 125 यूनिट तक की मुफ्त बिजली पर उन्हें हर महीने करीब ₹306 की बचत होगी।
- वहीं शहरी उपभोक्ताओं के लिए पहले 100 यूनिट पर प्रति यूनिट ₹4.12 और शेष 25 यूनिट पर ₹5.52 की दर है। ऐसे में उन्हें करीब ₹550 प्रति माह की राहत मिलेगी।
18.66 लाख अन्य उपभोक्ताओं को भी लाभ
जिन उपभोक्ताओं की मासिक खपत 125 यूनिट से अधिक है (जैसे 200, 300 या 400 यूनिट), उन्हें भी पहले 125 यूनिट की राशि माफ कर दी जाएगी। शेष यूनिट की राशि वे मौजूदा सब्सिडी दर पर ही चुकाएंगे।
इस प्रकार, 18.66 लाख उपभोक्ताओं को हर माह कम से कम ₹550 की सीधी बचत होगी।
अन्य शुल्क भी माफ
विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत ने स्पष्ट किया कि 125 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं से कोई फिक्स्ड चार्ज या अन्य अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के तहत राहत
बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि यह राहत मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के अंतर्गत दी जा रही है। इससे उपभोक्ताओं को पहले से ही मिलने वाली बिजली सब्सिडी बनी रहेगी।
पेंशन में वृद्धि के बाद एक और राहत
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही राज्य सरकार ने 6 सामाजिक पेंशन योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली राशि ₹400 से बढ़ाकर ₹1100 प्रति माह कर दी थी। इससे 1.11 करोड़ लाभार्थियों को प्रतिमाह ₹700 की सीधी वृद्धि का लाभ मिला है।
जनता में खुशी की लहर
सरकारी फैसले के बाद आम लोगों ने इसे नीतीश सरकार का ऐतिहासिक फैसला बताया है।
शारदा सिंह, गृहिणी (पटना) कहती हैं,
“यह निचले और मध्यम वर्ग के लिए बहुत बड़ा तोहफा है। अब हर महीने 300 से 500 रुपये की बचत से घर का बजट संभालना आसान होगा।”
अशोक सिन्हा, निवासी राजीव नगर (पटना) ने कहा,
“आजकल हर चीज के महंगे होने की खबरें आती हैं, सस्ते की नहीं। सरकार का यह फैसला राहत देने वाला है।”


