
पटना, 18 जुलाई 2025 – राजधानी पटना के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले निजी अस्पतालों में से एक, पारस एचएमआरआई अस्पताल में बुधवार को उस वक्त अफरातफरी मच गई जब दर्जनों आपराधिक मामलों में वांछित कुख्यात गैंगस्टर चंदन मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस दुस्साहसिक हत्या को अपराधियों ने दिनदहाड़े अस्पताल परिसर में अंजाम दिया।
कौन था चंदन मिश्रा?
चंदन मिश्रा बक्सर जिले के सोनवर्षा का निवासी था। उसपर हत्या, लूट, रंगदारी, अपहरण समेत कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। वह बिहार के अपराध जगत का एक दुर्दांत चेहरा माना जाता था। अप्रैल 2018 में उसे बक्सर से विशेष केंद्रीय कारा (कैंप जेल), भागलपुर लाया गया था, जहां वह लगातार करीब साढ़े छह साल तक बंद रहा। उसे जेल के भीतर थर्ड सेक्टर में रखा गया था, जो जेल का सर्वाधिक सुरक्षित और निगरानी वाला सेक्शन माना जाता है।
इलाज के बहाने बाहर आया था
साल 2023 में चंदन ने अपनी बीमारी का हवाला देकर बेहतर इलाज की मांग की थी। इसी आधार पर उसे 12 सितंबर 2023 को बेऊर जेल में स्थानांतरित कर दिया गया। जेल प्रशासन ने उसे इलाज के लिए पारस अस्पताल में भर्ती कराया, जहां वह नियमित रूप से इलाज के लिए आता-जाता रहा। बुधवार को भी वह चेकअप के लिए अस्पताल में मौजूद था, तभी चार से पांच अपराधी अस्पताल में घुस आए और गोलीबारी कर उसकी हत्या कर दी।
अस्पताल की सुरक्षा पर सवाल
घटना के बाद राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने कहा, “यह चिंता का विषय है कि जिस अस्पताल में पुलिस पहुंचने पर भी सुरक्षा प्रभारी से अनुमति लेनी पड़ती है, वहां अपराधी कैसे घुस आए?” उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले की गंभीर जांच की जाएगी। अस्पताल प्रशासन, सुरक्षा स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों से पूछताछ की जा रही है।
डीजीपी ने आगे कहा कि अब सभी निजी अस्पतालों के लिए एक नई एडवाइजरी जारी की जाएगी, जिसमें उनकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, मॉक ड्रिल और कर्मियों को सुरक्षा प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाएगा।
कई डॉन से जुड़े थे तार
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चंदन मिश्रा बिहार के विभिन्न बड़े गैंग्स और माफिया नेटवर्क से जुड़ा रहा है। जेल में रहते हुए भी वह अपने गिरोह को संचालित करता रहा। यह भी आशंका जताई जा रही है कि उसकी हत्या आपसी गैंगवार का परिणाम हो सकती है। पुलिस घटना की हर दिशा से जांच कर रही है।
सवालों के घेरे में पुलिस और जेल प्रशासन
इस हत्याकांड ने न केवल अस्पताल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा किया है, बल्कि यह भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि एक हाई-रिस्क अपराधी को अस्पताल लाने में इतनी ढिलाई कैसे बरती गई? क्या चंदन को अस्पताल के नाम पर खुली छूट मिली हुई थी?
मामले की जांच तेज, अगला कदम हाई कोर्ट तक
सूत्रों के अनुसार, बिहार पुलिस इस मामले को फास्ट ट्रैक मोड में जांच रही है। कई सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और अस्पताल में मौजूद स्टाफ तथा सुरक्षाकर्मियों से पूछताछ हो रही है। संभावना है कि इस केस को जल्द ही राज्य सरकार हाई-प्रोफाइल केस के रूप में विशेष अदालत या सीआईडी को सौंपे।
गैंगस्टर चंदन मिश्रा की हत्या ने न सिर्फ पटना में सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अपराधी अब निजी अस्पतालों जैसे सुरक्षित समझे जाने वाले स्थानों में भी अपराध करने से नहीं हिचक रहे। आने वाले दिनों में बिहार सरकार की ओर से इस पर ठोस कार्रवाई और नई नीतियां सामने आ सकती हैं।


