पटना के पारस अस्पताल में दिनदहाड़े हत्या, पैरोल पर बाहर आए कैदी को गोली मारी

पटना, 17 जुलाई 2025 | राजधानी पटना में गुरुवार सुबह एक सनसनीखेज घटना हुई, जब हथियारबंद बदमाशों ने एक निजी अस्पताल में इलाजरत मरीज की गोली मारकर हत्या कर दी। यह वारदात शहर के प्रतिष्ठित पारस अस्पताल में हुई, जहां बंदूकधारियों ने सीधे अस्पताल की दूसरी मंजिल पर घुसकर कैदी चंदन मिश्रा को निशाना बनाया।


पैरोल पर बाहर था हत्या का आरोपी

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान बक्सर जिले के सोनबरसा निवासी चंदन मिश्रा (उम्र 25-30 वर्ष) के रूप में हुई है। चंदन हत्या के एक गंभीर मामले में 2024 से बेऊर जेल में बंद था और उसके खिलाफ हत्या समेत 10 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

हाल ही में तबीयत खराब होने के कारण उसे पैरोल पर इलाज के लिए बाहर निकाला गया था। वह पिछले कुछ दिनों से पारस अस्पताल में भर्ती था और कमरा नंबर 209 में इलाजरत था।


चार अपराधी घुसे अस्पताल में, चंदन पर चलाई गोलियां

गुरुवार की सुबह लगभग 7:30 बजे, चार हथियारबंद युवक सीधे अस्पताल की दूसरी मंजिल पर पहुंचे और चंदन मिश्रा के कमरे में घुसते ही ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। मौके पर ही चंदन की मौत हो गई। गोलियों की आवाज से अस्पताल परिसर में भगदड़ मच गई, मरीज, स्टाफ और तीमारदारों में अफरातफरी फैल गई।


फॉरेंसिक टीम मौके पर, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही शास्त्री नगर थाना पुलिस और पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया:

“चंदन मिश्रा की गोली लगने से मौत हुई है। घटना गैंगवार से जुड़ी लगती है। हम सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं, और फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और गार्डों से भी पूछताछ की जा रही है।”

पुलिस ने घटनास्थल से चली हुई गोलियों के खोखे और अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं। हमलावरों की पहचान के लिए कई थानों में उनके फोटो और हुलिए भेजे गए हैं।


कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल

राजधानी के एक उच्च सुरक्षा वाले अस्पताल में दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने न सिर्फ आम लोगों को दहशत में डाल दिया है, बल्कि बिहार की कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले भी राजधानी में व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है।


राजनीतिक हलकों में उबाल

घटना के तुरंत बाद पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव मौके पर पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें अस्पताल परिसर में प्रवेश से रोक दिया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा:

“बिहार में नर्स, डॉक्टर, कोई भी सुरक्षित नहीं है। अब राष्ट्रपति शासन लगाना ही एकमात्र रास्ता है।”


 

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