
पटना, 15 जुलाई 2025।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 30 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। ये फैसले राज्य के आधारभूत ढांचे, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और जल संसाधन क्षेत्रों को नई गति देने वाले माने जा रहे हैं।
बैठक के प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:
🔹 गंगा पथ व पुल निर्माण को नई मंजूरी
सरकार ने मुंगेर-सुल्तानगंज-भागलपुर गंगा पथ परियोजना की दो चरणों के लिए ₹9969.63 करोड़ की स्वीकृति दी। इसके साथ ही बख्तियारपुर-ताजपुर गंगा पुल परियोजना के लिए ₹3923 करोड़ की पुनरीक्षित प्रशासनिक मंजूरी भी प्रदान की गई।
🔹 पटना मेट्रो परियोजना को मिलेगी मजबूती
पटना मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के संचालन और रखरखाव के लिए ₹179.37 करोड़ और ट्रेनसेट किराये पर लेने हेतु ₹21.15 करोड़ की मंजूरी दी गई। यह कार्य दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के माध्यम से होगा।
🔹 ऊर्जा क्षेत्र में पम्प स्टोरेज नीति
राज्य में ऊर्जा भंडारण को बढ़ावा देने के लिए ‘बिहार पम्प भंडारण परियोजना प्रोत्साहन नीति-2025’ को स्वीकृति दी गई है। यह नीति नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को मजबूती देगी।
🔹 स्वास्थ्य विभाग में कार्रवाई
लगातार अनुपस्थित रहने वाले चार चिकित्सा पदाधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। यह फैसला स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
🔹 शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र को बढ़ावा
अनुदानित माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को सहायता अनुदान के रूप में ₹394 करोड़ की राशि मंजूर की गई। वहीं इंजीनियरिंग व पॉलिटेक्निक संस्थानों के लिए लैब और मशीनरी की खरीद हेतु ₹170 करोड़ स्वीकृत हुए।
🔹 जल संसाधन परियोजनाएं
पश्चिमी कोसी नहर परियोजना के आधुनिकीकरण के लिए ₹7832 करोड़ की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है, जो सिंचाई सुविधा को विस्तार देगी।
🔹 रोजगार सृजन पर जोर
राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ नई नौकरियों के सृजन का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के 3875 पदों को गैर-योजना मद में स्थानांतरित किया गया है।
🔹 कर नीति और व्यापारी सुरक्षा
प्राकृतिक गैस पर वैट दरों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। साथ ही ‘व्यवसायी दुर्घटना मृत्यु अनुदान योजना-2025’ के तहत व्यापारियों की दुर्घटना में मृत्यु होने पर उनके परिजनों को ₹5 लाख की सहायता राशि देने का प्रावधान किया गया है।
🔹 चुनाव कर्मियों के लिए प्रोत्साहन
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत बीएलओ और सुपरवाइजरों को ₹6000 की एकमुश्त राशि देने की स्वीकृति दी गई है। इसके लिए कुल ₹51.68 करोड़ की स्वीकृति मिली।
🔹 भूमि हस्तांतरण व सुरक्षा बलों को राहत
जमुई में बरनार जलाशय परियोजना के लिए 295 एकड़ से अधिक भूमि का अंतर्विभागीय स्थानांतरण स्वीकृत किया गया। बम निरोधक दस्ते को जोखिम भत्ता देने का भी निर्णय लिया गया है, जिसमें अधिकतम ₹25,000 प्रतिमाह तक भुगतान किया जाएगा।
बिहार सरकार की इस कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों को राज्य के व्यापक विकास एजेंडा से जोड़कर देखा जा रहा है। ऊर्जा, आधारभूत संरचना और रोजगार के क्षेत्रों में ये निर्णय आने वाले वर्षों में राज्य के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य को बदलने वाले साबित हो सकते हैं।


