बिहार के शहरों में महिलाओं के लिए बनेंगे 100 पिंक टॉयलेट, स्वच्छता और गरिमा की दिशा में नई पहल

पटना, 11 जुलाई 2025 — महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और स्वच्छता को सुनिश्चित करने की दिशा में बिहार सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत राज्य के 16 शहरी निकायों में 100 सीटों वाले पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे, जिनका उपयोग और संचालन दोनों महिलाओं द्वारा ही किया जाएगा।

इस योजना का उद्देश्य सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और निजता युक्त सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिससे वे बिना झिझक के अपने दैनिक जीवन में सुविधा और सम्मान के साथ भाग ले सकें।

पिंक टॉयलेट: महिला सशक्तीकरण की ओर एक ठोस कदम

नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री जिवेश कुमार ने बताया कि राज्य सरकार महिलाओं की स्वच्छता और सुविधा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा:

“पिंक टॉयलेट महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और निजी स्थान सुनिश्चित करने की दिशा में हमारी सरकार की एक नवीन और सकारात्मक पहल है। इसमें बिजली, पानी, साफ-सफाई, सेनेटरी पैड और निस्तारण की पूरी सुविधा होगी।”

इस योजना के तहत 2.50 करोड़ रुपये की लागत से 100 पिंक टॉयलेट सीटों का निर्माण किया जाएगा। इनमें से:

  • 10 नगर निकायों में 70 सीटें स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत
  • 6 अन्य नगर निकायों में 30 सीटें राज्य योजना के अंतर्गत बनाई जाएंगी।

इन शहरों में होंगे पिंक टॉयलेट स्थापित

जिन 16 शहरी निकायों में यह पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे, वे हैं:

  • गयाजी नगर निगम
  • मुजफ्फरपुर नगर निगम
  • बिहारशरीफ नगर निगम
  • पूर्णिया नगर निगम
  • सासाराम नगर निगम
  • सीतामढ़ी नगर निगम
  • राजगीर नगर परिषद
  • बोधगया नगर परिषद
  • सुल्तानगंज नगर परिषद
  • भभुआ नगर परिषद
  • बड़हिया नगर परिषद
  • बक्सर नगर परिषद
  • जाले नगर परिषद
  • सिंहवाड़ा नगर पंचायत
  • कमतौल-अहियारी नगर पंचायत
  • देव नगर पंचायत

संपूर्ण महिला प्रबंधन के साथ हेल्पलाइन और सेनेटरी सुविधा

पिंक टॉयलेट की विशेषताएं:

  • महिलाओं द्वारा ही संचालन (केयरटेकर महिलाएं होंगी)
  • सेनेटरी नैपकिन की उपलब्धता
  • डिस्पोजल यूनिट की सुविधा
  • शुद्ध पेयजल, बिजली और सफाई की समुचित व्यवस्था
  • उपयोग के लिए हेल्पलाइन नंबर की व्यवस्था

नगर विकास विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने बताया कि यह पहल महिलाओं को सार्वजनिक स्थलों पर यौन उत्पीड़न और असुविधा से बचाने के उद्देश्य से की गई है। पिंक टॉयलेट न केवल एक सुविधा हैं, बल्कि महिला सशक्तीकरण का प्रतीक भी हैं।


बिहार सरकार द्वारा पिंक टॉयलेट की यह योजना महिला केंद्रित सार्वजनिक संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। यह न केवल स्वच्छता को बढ़ावा देता है, बल्कि महिलाओं के लिए एक सुरक्षित, गरिमामयी और समावेशी सार्वजनिक वातावरण बनाने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित हो सकता है।


 

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