मतदाता सूची पुनरीक्षण से रोहिंग्या-बांग्लादेशी होंगे उजागर: संजय जायसवाल

पटना। भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया विदेशी घुसपैठियों की पहचान का एक प्रभावी माध्यम बनेगी। बुधवार को पटना स्थित पार्टी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में डॉ. जायसवाल ने कहा कि विशेष पुनरीक्षण से उन सभी रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान होगी, जो फर्जी दस्तावेजों के सहारे मतदाता सूची में नाम जुड़वाकर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि किशनगंज में 105 प्रतिशत और अररिया में 103 प्रतिशत आधार कार्ड बनाए गए हैं, जो दर्शाता है कि वहां वास्तविक जनसंख्या से अधिक लोगों के नाम दर्ज हैं। यह एक गंभीर मामला है और इसी वजह से महागठबंधन के नेता इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं।

सांसद जायसवाल ने कहा कि 2003 में राजद शासन में भी मतदाता सूची का पुनरीक्षण महज 31 दिनों में पूरा हो गया था, तो आज ऐसा क्यों नहीं हो सकता? उन्होंने 1965 में लाल बहादुर शास्त्री और 1983 में इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्रित्व काल में हुए पुनरीक्षण कार्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि यह एक नियमित प्रक्रिया है जो लगभग हर 20 साल में होती ही है।

उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और कहा कि वे संविधान की किताब लेकर घूमते तो हैं, लेकिन उन्हें संविधान की व्यवस्थाओं पर भरोसा नहीं है। डॉ. जायसवाल ने सवाल उठाया कि अगर यह प्रक्रिया संविधान सम्मत है, तो उसका विरोध क्यों?

इस मौके पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सिद्धार्थ शंभु, अनामिका पासवान, दानिश इकबाल, कुंतल कृष्ण और सूरज पांडेय सहित कई अन्य नेता उपस्थित रहे।


 

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