
1.5 लाख से अधिक रिक्तियों में लागू होगा क्षैतिज आरक्षण, संविदा नियुक्तियों पर भी लागू होगा नियम
पटना, 9 जुलाई।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अब बिहार राज्य की मूल निवासी महिला अभ्यर्थियों को राज्य की सभी सरकारी सेवाओं एवं सभी संवर्गों के पदों पर सीधी नियुक्तियों में 35 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा। यह आरक्षण संविदा और आउटसोर्स के तहत होने वाली नियुक्तियों पर भी लागू होगा।
मुख्यमंत्री ने यह जानकारी मंगलवार देर शाम एक ट्वीट के माध्यम से दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 1,51,579 रिक्तियों पर नियुक्ति की प्रक्रिया विभिन्न चरणों में चल रही है और इन सभी पदों पर महिला अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शीघ्र रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया पूरी करें, ताकि राज्य के युवाओं को इसका लाभ समय पर मिल सके।
महिला सशक्तीकरण की दिशा में निर्णायक कदम
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट में लिखा:
“हमलोग राज्य में महिला सशक्तीकरण एवं समाज में महिलाओं की सक्रिय एवं सकारात्मक सहभागिता सुनिश्चित करने के प्रति संकल्पित हैं।”
इस निर्णय को राज्य सरकार की लंबे समय से चली आ रही महिला केंद्रित नीतियों के एक और मजबूत विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। पहले से ही पंचायती राज संस्थाओं और शिक्षकों की बहाली में महिलाओं को आरक्षण मिल रहा है।
मुख्य बिंदु:
- 35% क्षैतिज आरक्षण सिर्फ बिहार की मूल निवासी महिला अभ्यर्थियों को मिलेगा।
- सभी सीधी नियुक्तियाँ, चाहे स्थायी हों या संविदा/आउटसोर्स, इस दायरे में आएंगी।
- 1.5 लाख से अधिक रिक्त पदों पर चल रही बहालियों में यह नियम लागू रहेगा।
- सभी विभागों को निर्देश, रिक्तियों को शीघ्र भरने की कार्रवाई करें।
राज्य सरकार का यह फैसला महिलाओं की नौकरी में भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, बल्कि प्रशासनिक ढांचे में लैंगिक संतुलन भी सुदृढ़ होगा।


