
पटना, 9 जुलाई 2025 — केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के चौथे चरण के तहत बिहार में 45,000 किमी ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार 76,000 करोड़ रुपये की परियोजना पर कार्य कर रही है। जैसे ही राज्य सरकार इस संबंध में सर्वेक्षण रिपोर्ट भेजेगी, केंद्र धनराशि जारी कर देगा।
उन्होंने कहा, “PMGSY एक सतत प्रक्रिया है, जिसे चरणबद्ध रूप से (चरण 1, 2, 3, 4) लागू किया जा रहा है। जैसे ही राज्य सरकारें अपना सर्वेक्षण भेजती हैं, केंद्र तुरंत फंड जारी करता है। जम्मू-कश्मीर पहला राज्य (केंद्रशासित प्रदेश) है जिसने सर्वेक्षण भेजा और उसे राशि भी मिल चुकी है। मैं बिहार सरकार के अधिकारियों से आग्रह करता हूं कि वे जल्द से जल्द सर्वेक्षण रिपोर्ट भेजें।”
राज्य के मंत्रियों से हुई बैठक
पटना में हुई बैठक में राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राज्य सरकार की ओर से मनरेगा, पीएमजीएसवाई और ग्रामीण सड़कों से जुड़े कई सुझाव और मांगें रखी गईं, जिन्हें मंत्री ने “गंभीरतापूर्वक विचार कर जल्द पूरा करने की बात” कही।
विकसित भारत की दिशा में केंद्र की प्रतिबद्धता
कमलेश पासवान ने कहा कि “पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सड़क, वायु, अस्पताल जैसी ढांचागत परियोजनाओं में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। दर्जनों वंदे भारत ट्रेनें देशभर में चल रही हैं। प्रधानमंत्री ने अब तक 51 से अधिक बार बिहार का दौरा किया है, जिससे राज्य के उज्ज्वल भविष्य की झलक मिलती है।”
राज्य की मांगें: मनरेगा बकाया, पीएम आवास योजना और खेल मैदान
बाद में पत्रकारों से बातचीत में राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि उन्होंने मनरेगा मद में राज्य के 200 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान की मांग रखी है और केंद्र से इसे शीघ्र जारी करने का अनुरोध किया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अत्यंत पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के बेघर परिवारों के लिए बचे हुए आवास आवंटन की भी मांग की गई है। राज्य में 94 लाख से अधिक बेघर परिवार हैं और केंद्र द्वारा पात्रता मापदंडों में ढील दिए जाने के कारण यह संख्या और बढ़ सकती है।
मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य भर में मनरेगा के तहत 6800 खेल मैदान बनाए जा रहे हैं, जिसके लिए भी केंद्र से निधि जारी करने का आग्रह किया गया है।


