
पटना | बिहार विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट पुनर्निरीक्षण को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी कड़ी में जन सुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को चुनाव आयोग से मिला और औपचारिक रूप से अपनी आपत्तियाँ दर्ज कराईं।
उदय सिंह ने चुनाव आयोग से मुलाक़ात के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा,
“चुनाव आयोग ने जो 11 दस्तावेज मांगे हैं, उनमें कुछ ऐसे हैं जिन्हें एक सामान्य नागरिक के लिए उपलब्ध कराना अत्यंत कठिन है। हालांकि अगर प्रयास किया जाए, तो यह असंभव भी नहीं है।”
उन्होंने आयोग पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा,
“चुनाव आयोग ने स्वयं को एक राजनीतिक दल का अंग बना लिया है। उसकी निष्पक्षता पर अब जनता को भरोसा नहीं रह गया है। वह भाजपा के एक विभाग की तरह कार्य कर रहा है।”
उदय सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि,
“जब राज्य में अगले 2–3 महीनों में चुनाव संभावित हैं, तो इस समय गहन पुनरीक्षण का कोई औचित्य नहीं है। फिर भी यदि आयोग इस दिशा में आगे बढ़ रहा है, तो हम लोकतांत्रिक रूप से अपनी बात रखेंगे।”
उन्होंने भरोसा जताया कि यह मामला शीघ्र ही उच्चतम न्यायालय में उठाया जाएगा और वहाँ से आने वाले फ़ैसले से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
“हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट से 2–3 दिनों में कोई दिशा-निर्देश आएगा और यह विवाद समाप्त हो जाएगा।”
प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे कई वरिष्ठ नेता
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, प्रदेश महासचिव किशोर कुमार मुन्ना, और पूर्व केंद्रीय मंत्री आर.सी.पी. सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।


