पटना, 8 जुलाई 2025: राजधानी पटना के नामचीन व्यवसायी गोपाल खेमका की हत्या की गुत्थी को सुलझा लेने का दावा बिहार पुलिस ने किया है। पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि यह हत्या जमीन विवाद और बांकीपुर क्लब से जुड़े तनाव के चलते कराई गई थी। इसके लिए चार लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता अशोक साव और शूटर उमेश यादव को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, इस कांड में प्रयुक्त हथियार, नकद राशि और अन्य सामग्री भी बरामद की गई है।
हत्या की साजिश: डेढ़ महीने पहले हुई थी योजना
डीजीपी के अनुसार, हत्या की साजिश करीब डेढ़ महीने पहले रची गई थी।
मुख्य साजिशकर्ता अशोक साव का गोपाल खेमका से जमीन और बांकीपुर क्लब को लेकर विवाद था। इसी विवाद को लेकर अशोक साव ने खेमका की हत्या की साजिश रची और इसके लिए उसने शूटर उमेश यादव से संपर्क साधा।
- अशोक साव और उमेश यादव की मुलाकात बिहारशरीफ में एक शादी समारोह के दौरान हुई थी।
- इसके बाद उमेश यादव, अशोक के लिए छोटे-मोटे काम करने लगा और धीरे-धीरे विश्वासपात्र बन गया।
सुपारी की रकम, हथियार और योजना
- अशोक साव ने उमेश यादव को चार लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी, जिसमें से 50 हजार रुपये अग्रिम दिए गए थे।
- उमेश यादव को 9 एमएम पिस्टल, दो मैगजीन और 18 कारतूस उपलब्ध कराए गए।
- इसके अलावा, दो नए मोबाइल फोन भी दिए गए — जिनमें से एक उमेश के पास और दूसरा अशोक के पास था, ताकि संपर्क में कोई परेशानी न हो।
अशोक ने खेमका का फोटो और गाड़ी का नंबर भी उमेश को उपलब्ध कराया, साथ ही उसे बताया कि खेमका हर दिन शाम को बांकीपुर क्लब जाते हैं और रात में करीब 11:30 बजे घर लौटते हैं।
हत्या की रात: पूरा घटनाक्रम
- 4 जुलाई की रात उमेश यादव ने बांकीपुर क्लब के पास खेमका की गाड़ी की पहचान की।
- खेमका के क्लब से निकलने के बाद वह सीधे उनके घर की ओर बढ़ा और अपार्टमेंट के गेट पर उन्हें गोली मार दी।
- हत्या के बाद उमेश ने मोटरसाइकिल से जमाल रोड, बाईपास थाना, सलामी देवी स्थान होते हुए अपने घर लौट गया।
- उसने हथियार को अपने ऊपर वाले कमरे में छुपा दिया।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
- उमेश यादव की निशानदेही पर पुलिस ने उदयगिरी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 601 से
- 6.5 लाख रुपये नकद
- एक पिस्टल, 17 जिंदा कारतूस
- भारी मात्रा में जमीन के कागजात
- मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए।
- अशोक साव को भी गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसने पूछताछ में हत्या की सुपारी देने और प्लानिंग में शामिल होने की बात स्वीकार की।
हत्या से जुड़े पुराने संदर्भ
डीजीपी ने यह भी खुलासा किया कि गोपाल खेमका के पुत्र गुंजन खेमका की हत्या भी वर्ष 2018 में जमीन विवाद को लेकर ही हुई थी।
उस केस में शामिल मुख्य शूटर की पहले ही हत्या हो चुकी है।
गोपाल खेमका उसी मामले में 15 जुलाई को कोर्ट में सुनवाई से पहले बयान देने की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले ही उनकी हत्या कर दी गई।
आगे की जांच
- अशोक साव का नाम पूर्व में भी आपराधिक मामलों में आया है, जिनमें मनोज कमालिया हत्याकांड और बिहारशरीफ का एक मामला प्रमुख हैं।
- इस मामले में हतियार तस्कर विकास उर्फ राजा की भी भूमिका थी, जिसकी एनकाउंटर में मौत हो चुकी है।
पुलिस ने बताया कि उमेश यादव और अशोक साव को जेल भेज दिया गया है, और उन्हें बाद में रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी।


