पटना, 08 जुलाई 2025: बिहार के जाने-माने उद्योगपति गोपाल खेमका हत्याकांड का पटना पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में DGP विनय कुमार ने बताया कि यह हत्या जमीन विवाद के चलते की गई थी और इसके लिए 4 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी।
CCTV से पहचान, फिर शूटर की गिरफ्तारी
हत्या के बाद शहर भर के CCTV फुटेज खंगाले गए। फुटेज से मिली तस्वीरों के आधार पर बाइक और हुलिया की पहचान हुई। इसके बाद मुख्य शूटर उमेश यादव को गिरफ्तार किया गया। उमेश की निशानदेही पर मुख्य साजिशकर्ता अशोक साव को पकड़ा गया। अशोक के घर से जमीन से जुड़े दस्तावेजों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ है।
पैसों की मजबूरी में बना शूटर
पूछताछ में उमेश यादव ने कबूल किया कि अपने बच्चे की स्कूल फीस भरने के लिए उसने हत्या की योजना में भाग लिया। उमेश के पास से ₹3.65 लाख नकद, हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं। अशोक साव ने उसे पहले ₹50,000 एडवांस में दिए थे।
अशोक साव का आपराधिक इतिहास
पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा ने जानकारी दी कि अशोक साव और गोपाल खेमका के बीच जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। अशोक का नाम पहले भी मनोज कमालिया हत्याकांड और बिहारशरीफ के एक अन्य केस में सामने आ चुका है।
एनकाउंटर में मारा गया हथियार तस्कर
हत्या में राजा उर्फ विकास नामक हथियार तस्कर की भी भूमिका थी, जिसकी एनकाउंटर में मौत हो चुकी है। अशोक साव और उमेश यादव के बीच हत्या के अगले दिन जेपी गंगा पथ पर मुलाकात भी हुई थी।
पुराना पारिवारिक ट्रैक: बेटे की भी हो चुकी है हत्या
DGP ने बताया कि गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की हत्या 2018 में जमीन विवाद में ही हुई थी। गुंजन हत्याकांड में मुख्य शूटर की पहले ही मौत हो चुकी है। गोपाल खेमका इस मामले में शिकायतकर्ता बनने वाले थे, और उनकी हत्या ठीक पहले कर दी गई। इस एंगल से भी जांच जारी है।
फोन सिम और इलेक्ट्रॉनिक सबूत से खुली साजिश
गौरतलब है कि हत्या की साजिश रचने में जिस मोबाइल सिम का इस्तेमाल अशोक साव कर रहा था, वह उमेश यादव के नाम पर रजिस्टर्ड था। पुलिस को खेमका के लैपटॉप और मोबाइल से कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी मिली हैं।
दोनों आरोपी जेल भेजे गए, आगे होगी रिमांड पर पूछताछ
अभी के लिए उमेश यादव और अशोक साव को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जल्द ही पुलिस रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ करेगी।


