
नई दिल्ली, 07 जुलाई 2025: भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को विश्वमंच पर एक बार फिर गौरवान्वित करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में भारत दौरे पर आए अर्जेंटीना के उपराष्ट्रपति को एक अत्यंत विशेष मधुबनी चित्रकला भेंट स्वरूप प्रदान की।
लोक कला की जीवंत परंपरा – मधुबनी चित्रकला
यह सुंदर मधुबनी सूर्य चित्रकला बिहार के मिथिला क्षेत्र की प्राचीन और विश्वप्रसिद्ध लोक कला परंपरा का प्रतिनिधित्व करती है। मोटी रेखाओं, बारीक डिज़ाइन और प्राकृतिक रंगों से बनी यह कला शैली भारत की स्थायी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। परंपरागत रूप से, मधुबनी चित्रों का उपयोग त्योहारों, विवाह और शुभ अवसरों पर घरों की दीवारों को सजाने में किया जाता है, जिससे समृद्धि का स्वागत होता है और नकारात्मकता को दूर किया जाता है।
सूर्य का प्रतीकात्मक महत्व
इस विशेष कलाकृति में सूर्य को केंद्र में चित्रित किया गया है, जो ऊर्जा, प्रकाश और जीवन का प्रतीक है। सूर्य के चारों ओर बने विस्तृत पुष्प बॉर्डर और पारंपरिक मोटिफ्स इस कला की विशिष्ट शैली को प्रदर्शित करते हैं। हर रिक्त स्थान को सजाने की प्रवृत्ति मधुबनी की एक प्रमुख विशेषता है, जो इसे अत्यधिक सौंदर्यपूर्ण और पूर्ण बनाती है।
राजनयिक भेंट में भारत की आत्मा
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिया गया यह उपहार न केवल एक सजावटी चित्र है, बल्कि यह भारत की लोक कला, शिल्प कौशल और सांस्कृतिक गहराई का सम्मानजनक प्रतीक भी है। यह भारत की उस सोच को दर्शाता है जिसमें सांस्कृतिक कूटनीति के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ किया जाता है।


