पटना, 7 जुलाई 2025 — बिहार की राजधानी पटना में 8 और 9 जुलाई को दो दिवसीय ऑटो और ई-रिक्शा हड़ताल का ऐलान किया गया है। ऑटो एवं ई-रिक्शा संयुक्त संघर्ष मोर्चा द्वारा बुलाई गई इस हड़ताल के पीछे परिवहन विभाग की नई नीतियों और ट्रैफिक नियमों के खिलाफ असंतोष मुख्य कारण बताया गया है।
हड़ताल के दौरान पटना शहर की सड़कों से करीब 25,000 ऑटो और 15,000 ई-रिक्शा नदारद रहेंगे, जिससे दैनिक यात्रियों, छात्रों और ऑफिस जाने वालों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
यूनियन की 10 सूत्री मांगें
संघर्ष मोर्चा के महासचिव राजेश चौधरी ने बताया कि सरकार और प्रशासन को कई बार ज्ञापन देने और प्रदर्शन करने के बावजूद कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके कारण यह हड़ताल जरूरी हो गई।
यूनियन की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- परमिट नियमों में सुधार और भारी जुर्मानों की वापसी
- रूटों का रंग-कोडिंग सिस्टम रद्द करना
- चार्जिंग प्वाइंट्स की समुचित व्यवस्था
- स्टैंडों पर पेयजल, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं
- ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाना
- ऐप आधारित सेवाओं (ओला-उबर) पर समान नियम लागू करना
हड़ताल के दौरान यातायात पर असर
यह हड़ताल शहर के सार्वजनिक परिवहन तंत्र पर व्यापक असर डाल सकती है। सबसे अधिक परेशानी उन्हें होगी जो रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या स्कूल-कॉलेजों की यात्रा करते हैं।
8 और 9 जुलाई को कैब सेवाओं (ओला-उबर आदि) की मांग में तेज़ी आने की संभावना है, जिससे किराए में इज़ाफा हो सकता है। निजी वाहनों और पैदल यात्रियों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
बिहार बंद और जाम की दोहरी मार
9 जुलाई को विपक्ष द्वारा घोषित बिहार बंद के कारण स्थिति और भी अधिक जटिल हो सकती है। इस दिन दोपहर तक राजधानी में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। टाटा पार्क, गर्दनीबाग और डाकबंगला चौराहा जैसे क्षेत्रों में प्रदर्शन की आशंका है, जिससे यातायात जाम की स्थिति बन सकती है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया अब तक नहीं
अब तक पटना जिला प्रशासन और परिवहन विभाग की ओर से हड़ताल को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, यूनियन का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक विरोध प्रदर्शन और हड़ताल का क्रम जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि बात नहीं बनी तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जा सकते हैं।
यात्रियों के लिए सुझाव
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि:
- 8 और 9 जुलाई को यात्रा की योजना सावधानीपूर्वक बनाएं
- वैकल्पिक साधनों (जैसे साइकिल, निजी वाहन, या कैब) का उपयोग करें
- ट्रैफिक अपडेट्स पर नज़र रखें और जाम प्रभावित इलाकों से बचें


