सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को लेकर आयोग ने जारी किया स्पष्टीकरण
पटना | बिहार में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर चुनाव आयोग ने रविवार को स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया है। आयोग ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारियों को अफवाह बताते हुए कहा है कि पुनरीक्षण 24 जून 2025 को जारी निर्देशों के अनुसार ही चल रहा है।
गणना फॉर्म जमा करने की प्रक्रिया जारी
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि बिहार एसआईआर का प्रारंभिक चरण पूरा हो चुका है। प्रपत्रों की छपाई और वितरण का कार्य भी लगभग पूरा कर लिया गया है।
रविवार शाम 6 बजे तक 1,69,49,208 गणना फॉर्म एकत्र किए जा चुके हैं, जो कुल मतदाता संख्या का 21.46% है।
मसौदा सूची में किनके नाम होंगे शामिल?
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि मसौदा मतदाता सूची में उन्हीं मौजूदा मतदाताओं के नाम शामिल किए जाएंगे, जिनके गणना फॉर्म प्राप्त हो चुके हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा:
“बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया पूर्व निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार ही चल रही है। इसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं हुआ है।“
भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने की अपील
आयोग ने आम जनता और राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही असत्य सूचनाओं से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करें।
विशेष गहन पुनरीक्षण क्यों जरूरी है?
बिहार में चल रही यह प्रक्रिया अगले चुनावों से पहले मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के लिए की जा रही है, ताकि हर योग्य नागरिक को मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया जा सके।


