पटना, 6 जुलाई | बिहार सरकार द्वारा राज्य के 60 हजार दलित टोलों में चलाए गए डॉ. भीमराव अंबेडकर समग्र सेवा अभियान के तहत अब तक 85 लाख 45 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों में स्वास्थ्य, रोजगार, वित्तीय समावेशन, श्रम, आवास और अन्य सामाजिक योजनाओं से संबंधित आवेदन शामिल हैं। सरकार ने अब तक प्राप्त आवेदनों में से अधिकांश का निष्पादन कर दिया है, जबकि 50% से कम निष्पादन वाली योजनाओं पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
स्वास्थ्य और रोजगार योजनाओं में उच्च निष्पादन दर
- स्वास्थ्य योजनाएं:
कुल आवेदन: 3,19,565
निष्पादित: 2,73,341 (85.54%)
(आयुष्मान कार्ड, स्वास्थ्य कार्ड, हेल्थ कैंप शामिल) - मनरेगा जॉब कार्ड:
आवेदन: 4,54,197
निष्पादित: 3,69,950 (81.45%) - प्रधानमंत्री जनधन/बीमा योजनाएं:
आवेदन: 37,999
निष्पादित: 26,268 (69.13%) - जीविका समूह/सतत जीविकोपार्जन योजना:
आवेदन: 57,498
निष्पादित: 45,444 (79.04%)
श्रम और कौशल क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम प्रगति
- ई-श्रम और भवन निर्माण कल्याण बोर्ड:
आवेदन: 2,77,037
निष्पादित: 1,83,698 (66.3%)
(पूर्व में गलती से 8.13% अंकित था) - कुशल युवा और कौशल विकास कार्यक्रम:
आवेदन: 23,679
निष्पादित: 11,850 (50.04%)
50% से कम निष्पादन वाली योजनाएं चिन्हित
जिन योजनाओं में 50% से कम निष्पादन हुआ है, उनमें शामिल हैं:
- जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र
- सामाजिक सुरक्षा योजनाएं
- बिजली कनेक्शन
- नल-जल योजना
- प्रधानमंत्री आवास
- उज्ज्वला योजना
- राशन कार्ड व सार्वजनिक वितरण प्रणाली
- वास भूमि-पर्चा वितरण
मुख्य सचिव ने 15 जुलाई तक निष्पादन का दिया निर्देश
मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा ने समीक्षा बैठक में कहा कि शेष आवेदनों के निष्पादन में तेजी लाई जाए और सभी विभाग 15 जुलाई तक लंबित आवेदनों को पूरा करें। उन्होंने कहा, “अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। ‘हर टोला, हर परिवार, हर सेवा’ के तहत कर्मचारी सीधे गांवों में सेवा दे रहे हैं।”
समावेशी विकास की दिशा में पहल
अभियान को सरकार द्वारा समावेशी विकास का उदाहरण बताया गया है, जिसमें दलित टोलों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।


