नई खोज: पृथ्वी से दो गुना बड़ा और चार गुना भारी “सुपर-अर्थ”, जिस पर हो सकता है पानी

नई दिल्ली/विज्ञान डेस्क।खगोलविदों ने हमारे सौरमंडल के बाहर एक नए ग्रह की खोज की है, जो आकार में पृथ्वी से लगभग दो गुना बड़ा और चार गुना अधिक भारी है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस ग्रह पर पानी की मौजूदगी संभव है, जिस कारण इसे ‘सुपर-अर्थ’ की श्रेणी में रखा गया है।

154 प्रकाशवर्ष दूर स्थित है यह ग्रह

इस ग्रह को टीओआई-1846बी (TOI-1846b) नाम दिया गया है और यह पृथ्वी से 154 प्रकाशवर्ष दूर स्थित है। इस खोज की जानकारी हाल ही में आर्काइव वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोधपत्र के माध्यम से सामने आई है।

नासा के TESS मिशन से मिली जानकारी

इस खोज का श्रेय नासा के ट्रांसिटिंग एक्सोप्लेनेट सर्वे सैटेलाइट (TESS) को जाता है, जिसने ग्रह की पहचान की। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह ग्रह केवल 3.93 दिन में अपने तारे (सूरज के समकक्ष) का एक चक्कर पूरा करता है, जो यह दर्शाता है कि यह अपने तारे के काफी करीब है।

सतह पर पानी की संभावना

शोधकर्ताओं ने कहा है कि ग्रह की स्थितियों को देखते हुए, इस पर तरल या बर्फ के रूप में पानी मौजूद हो सकता है। यही बात इसे जीवन की संभावनाओं के लिहाज़ से खास बनाती है।

धरती और अंतरिक्ष से हुई पुष्टि

इस खोज की पुष्टि टीईएसएस डेटा के अलावा, मल्टीकलर फोटोग्राफी और हाई-रेजोल्यूशन इमेजिंग तकनीकों से भी की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, ग्रह का व्यास पृथ्वी से 1.792 गुना और द्रव्यमान 4.4 गुना अधिक है।

जीवन की तलाश में बड़ी सफलता

वैज्ञानिकों का कहना है कि टीओआई-1846बी की यह खोज ब्रह्मांड में जीवन और जल की तलाश में एक महत्वपूर्ण प्रगति है। यह ग्रह “सुपर-अर्थ” की उस श्रेणी में आता है, जिन पर भविष्य में जीवन के अनुकूल परिस्थितियों की संभावना तलाशी जा सकती है।


विशेषज्ञों की राय में, यह खोज खगोल विज्ञान के क्षेत्र में गहन खोज और विश्लेषण की नई राह खोलती है और आने वाले वर्षों में इस ग्रह पर और अधिक अध्ययन किए जाने की संभावना है।


 

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