सिवान: मरीज की जगह एंबुलेंस में छिपा रखी थी 587 लीटर शराब, पुलिस ने तस्करी का किया भंडाफोड़

सिवान। बिहार में शराबबंदी के बावजूद शराब तस्करी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला सिवान जिले के गुठनी थाना क्षेत्र का है, जहां एक एंबुलेंस में मरीज के स्थान पर अंग्रेजी शराब की तस्करी की जा रही थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एंबुलेंस चालक को गिरफ्तार कर लिया और बड़ी मात्रा में शराब जब्त की।

एंबुलेंस में तहखाना बना कर की जा रही थी तस्करी

जानकारी के अनुसार, तेनुआ मोड़ के पास देर रात गश्ती के दौरान पुलिस वाहनों की जांच कर रही थी, तभी सायरन बजाते हुए एक तेज रफ्तार एंबुलेंस वहां से गुजरने लगी। पुलिस को शक हुआ और जब वाहन को रोकने की कोशिश की गई, तो चालक भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए वाहन को चारों ओर से घेर लिया।

जब एंबुलेंस की तलाशी ली गई, तो उसमें बने एक गुप्त तहखाने से 587 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब पांच लाख रुपये आंकी गई है।

देवरिया से सिवान लाई जा रही थी शराब

गिरफ्तार चालक ने पूछताछ में बताया कि यूपी के देवरिया जिला अंतर्गत सलेमपुर थाना क्षेत्र के नवलपुए चौराहा से शराब लोड की गई थी और उसे सिवान पहुंचाना था। चालक ने अपनी पहचान खामपार थाना (उत्तर प्रदेश) के निवासी रियासत मियां के रूप में बताई है।

मुजफ्फरपुर में भी नकली शराब फैक्ट्री पकड़ी गई थी

उल्लेखनीय है कि मुजफ्फरपुर में हाल ही में उत्पाद विभाग ने नकली शराब बनाने वाली एक फैक्ट्री का भी खुलासा किया था, जहां से 135 लीटर स्प्रिट, तैयार शराब, विभिन्न ब्रांड के रैपर, स्टीकर, खाली बोतलें और अन्य सामग्री बरामद की गई थी।

शराबबंदी के 9 साल बाद भी नहीं थम रही तस्करी

बता दें कि बिहार में अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन इसके बावजूद अवैध शराब की बिक्री और तस्करी थमने का नाम नहीं ले रही। शराब माफिया अब नई-नई तरकीबों से तस्करी को अंजाम दे रहे हैं।

पुलिस कर रही आगे की कार्रवाई

गुठनी थाना प्रभारी धमेंद्र कुमार ने बताया,

“शराब माफियाओं पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सोहगरा की ओर से एक एंबुलेंस आती देखी गई। जब उसे रोका गया, तो चालक भागने लगा। शक के आधार पर तलाशी ली गई, जिसमें भारी मात्रा में शराब बरामद हुई है। आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”


यह मामला न केवल शराबबंदी कानून की धज्जियां उड़ाने वाला है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि अपराधी कानून के Enforcement को चकमा देने के लिए कैसे आपातकालीन सेवाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं।

 

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