बिहार की ग्रामीण सड़कों ने बदली ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर : अशोक चौधरी

 पुल निर्माण की गुणवत्ता पर जोर, चौथे चरण की तकनीकी कार्यशाला संपन्न

पटना, 30 जून 2025।बिहार में ग्रामीण सड़कों के तेजी से विस्तार और गुणवत्ता युक्त पुल निर्माण ने राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दी है। यह बात ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने राजधानी ज्ञान भवन में आयोजित तकनीकी उन्मुखीकरण सह कार्यशाला के चौथे और अंतिम चरण में कही।

मंत्री ने कहा कि

“ग्रामीण सड़कों और पुलों ने बिहार के गांवों को शहरों से जोड़ा है। यह सिर्फ भौगोलिक नहीं, बल्कि आर्थिक कनेक्टिविटी का माध्यम भी बना है। इन सड़कों ने प्रति व्यक्ति आय को ₹7,000 से बढ़ाकर ₹66,000 तक पहुँचाया है। आज बिहार के किसान दुबई और सिंगापुर तक अपनी सब्ज़ियां भेज रहे हैं।”

सिर्फ 8,000 किमी से बढ़कर 1.18 लाख किमी तक पहुंची ग्रामीण सड़कें

अशोक चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में वर्ष 2005 से अब तक 1.10 लाख किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों का निर्माण हो चुका है। वर्ष 2005 में जहाँ राज्य में केवल 8,000 किमी ग्रामीण सड़कें थीं, आज यह लंबाई 1.18 लाख किमी को पार कर चुकी है। उन्होंने सड़कों और पुलों को राज्य की “रक्त धमनियाँ” बताते हुए कहा कि यह ग्रामीण जीवन और राज्य की समग्र अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

पुल निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी प्रशिक्षण पर विशेष जोर

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहा कि

“गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि अभियंताओं द्वारा कार्य में देरी या लापरवाही बरती गई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।”

उन्होंने यह भी बताया कि 15, 23 एवं 25 जून को तीन चरणों में कनिष्ठ अभियंताओं, तकनीकी पर्यवेक्षकों, संवेदकों और परियोजना अभियंताओं के लिए उन्मुखीकरण कार्यशालाएं आयोजित की गई थीं। आज का यह कार्यक्रम इस शृंखला का अंतिम चरण था।

तकनीकी चर्चाओं में फाउंडेशन निर्माण पर विशेष बल

अभियंता प्रमुख-सह-अपर आयुक्त-सह-विशेष सचिव श्री भगवत राम ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) की विस्तृत जानकारी अभियंताओं को दी। पुल निर्माण की तकनीकी विशेषताओं जैसे पाइल फाउंडेशन और वेल फाउंडेशन की उपयोगिता, विशेषकर कमजोर भू-सतह या भारी यातायात वाली जगहों पर, पर भी गहन चर्चा हुई।

वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस कार्यशाला में ग्रामीण कार्य विभाग के विशेष सचिव श्री उज्ज्वल कुमार सिंह, अभियंता प्रमुख श्री निर्मल कुमार, विशेष सचिव श्री मनोज कुमार, संयुक्त सचिव श्री संजय कुमार, श्री अभय झा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने राज्य में स्थायी, सुरक्षित और सुलभ ग्रामीण ढांचे के निर्माण की दिशा में मिलकर कार्य करने का संकल्प दोहराया।


 

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