भागलपुर में स्वयं सहायता समूहों से जोड़े जा रहे हैं छूटे हुए परिवार, महादलित टोलों में भी हुआ व्यापक जुड़ाव

भागलपुर, 28 जून 2025: जिले में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के गरीब और वंचित परिवारों को जीविका स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत बीते एक माह में 1188 नए स्वयं सहायता समूहों का गठन कर करीब 13 हजार से अधिक परिवारों को जोड़ा गया है।

इस अभियान में महादलित टोलों पर भी विशेष ध्यान दिया गया, जहां एक हजार से अधिक छूटे हुए परिवारों को जीविका समूहों से जोड़ा गया। जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक सुनिर्मल गरेन ने बताया कि राज्य कार्यालय के निर्देशानुसार जन वितरण प्रणाली (राशन कार्ड धारकों) से लाभान्वित सभी परिवारों का घर-घर सर्वे कर समूहों से जोड़ने की प्रक्रिया की जा रही है।

उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण के दौरान उन महिलाओं की पहचान की जा रही है जो अब तक किसी भी समूह की सदस्य नहीं हैं। इस तरह की महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें स्वयं सहायता समूह से जोड़ा जा रहा है ताकि वे सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

राज्य लक्ष्य की दिशा में तीव्र गति
बिहार राज्य में कुल 11 लाख स्वयं सहायता समूहों के गठन का लक्ष्य रखा गया है। इसी क्रम में भागलपुर जिले में अब तक 28,509 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है, जिनसे करीब 3 लाख 45 हजार परिवार जुड़े हुए हैं।

महिलाओं को नेतृत्व और सामुदायिक सहयोग देने के लिए 10 से 15 समूहों को मिलाकर ग्राम संगठन बनाए जाते हैं। जिले में अब तक 1970 ग्राम संगठन और 49 संकुल स्तरीय संघों का गठन किया जा चुका है।

महिलाओं का आर्थिक-सामाजिक सशक्तिकरण
सरकार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार के अवसर, स्वावलंबन और नेतृत्व क्षमता देने पर लगातार काम कर रही है। समूहों के माध्यम से महिलाएं स्वयं की आजीविका चला रही हैं और समाज में नई भूमिका निभा रही हैं।

यह अभियान ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में जिले के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।

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