नई दिल्ली, 18 जून 2025:खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के अंतर्गत एक वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से देशभर के 11,480 सेवा क्षेत्र के लाभार्थियों को ₹300 करोड़ से अधिक की मार्जिन मनी सब्सिडी का संवितरण किया। यह सब्सिडी करीब ₹906 करोड़ के ऋण स्वीकृति के सापेक्ष वितरित की गई।
इस अवसर पर KVIC अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने नई दिल्ली स्थित राजघाट कार्यालय से ऑनलाइन माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे सब्सिडी राशि स्थानांतरित की। कार्यक्रम में मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री रूप राशि सहित केवीआईसी के वरिष्ठ अधिकारी भी वर्चुअल रूप से शामिल रहे।
श्री मनोज कुमार ने इस अवसर पर कहा,
“प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पीएमईजीपी योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन बन चुकी है, जो गांव-गांव में आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही है।”
अंचलवार सब्सिडी वितरण का विवरण:
- मध्य, उत्तर एवं छत्तीसगढ़ सहित केंद्रीय क्षेत्र: 2403 परियोजनाएं, ₹72 करोड़ सब्सिडी
- पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, ओडिशा, बंगाल): 996 परियोजनाएं, ₹22 करोड़ सब्सिडी
- उत्तर भारत (पंजाब, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर आदि): 2713 परियोजनाएं, ₹61 करोड़ सब्सिडी
- पूर्वोत्तर राज्यों: 81 परियोजनाएं, ₹2 करोड़ सब्सिडी
- दक्षिण भारत (कर्नाटक, तमिलनाडु आदि): 4565 परियोजनाएं, ₹116 करोड़ सब्सिडी
- पश्चिम भारत (महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा): 722 परियोजनाएं, ₹26 करोड़ सब्सिडी
पीएमईजीपी का राष्ट्रीय प्रभाव:
अब तक योजना के तहत 10.18 लाख से अधिक सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना हुई है, जिनमें सरकार द्वारा ₹73,348 करोड़ का ऋण स्वीकृत और ₹27,166 करोड़ की मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान की जा चुकी है। इससे 90 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से रोजगार मिला है।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम ग्रामीण और शहरी भारत में स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली सबसे प्रभावी योजनाओं में से एक बन चुका है, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है।


