भागलपुर।करहरिया पंचायत में प्रस्तावित पंचायत सरकार भवन निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। चिन्हित जमीन पर निर्माण की मांग कर रहे ग्रामीणों ने शुक्रवार को ग्राम सभा से पारित स्थल पर ही भवन निर्माण कराने का अल्टीमेटम दिया। वहीं, विवाद के बीच सरकारी जमीन पर लगे सैकड़ों पेड़ काटे जाने का मामला भी तूल पकड़ने लगा है।
विरोधियों पर पेड़ काटने का आरोप
मुखिया पूनम देवी और ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत भवन निर्माण की टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुछ विरोधी और असामाजिक तत्वों ने गुरुवार रात चिन्हित जमीन पर लगे आम, कटहल, ताड़ और शीशम के सैकड़ों पेड़ काट डाले।
मुखिया प्रतिनिधि मुकेश कुमार उर्फ मंटू ने बताया कि पेड़ काटकर जमीन को खाली दिखाकर भवन का निर्माण दूसरी विवादित जगह पर कराने की साजिश रची जा रही है। शुक्रवार सुबह जब जेसीबी से लकड़ियां उठाने लोग पहुंचे, तो मुखिया समर्थकों ने उन्हें खदेड़ दिया।
ग्राम सभा की पारित जमीन पर ही हो निर्माण : मुखिया प्रतिनिधि
मुखिया प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि देवधा मौजा के खाता संख्या-310, खेसरा-656 में 50 डिसमिल जमीन को ग्रामसभा की बैठक में पारित कर विभागीय अधिकारियों को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामसभा सर्वोपरि है और तय जमीन पर ही भवन का निर्माण होगा।
विवाद को लेकर बढ़ा तनाव
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर निर्धारित स्थान के बदले किसी अन्य जगह भवन बनाने की कोशिश की गई तो वे विरोध-प्रदर्शन करेंगे। इस मामले को लेकर पंचायत में तनाव का माहौल है।
वन विभाग और प्रशासन की चुप्पी
पेड़ कटाई की इतनी बड़ी घटना के बाद भी वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है।


