नीतीश सरकार का बड़ा फैसला: महिला सरकारी कर्मियों को मिलेगा पदस्थापन स्थल के पास आवास, नई नीति लागू

पटना। बिहार सरकार ने राज्य में कार्यरत महिला सरकारी कर्मियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया कि महिला सरकारी कर्मियों को उनके पदस्थापन स्थल के निकट आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस नई नीति को कैबिनेट की मंजूरी भी मिल चुकी है।

37% पद महिलाओं के लिए आरक्षित

राज्य सरकार ने जानकारी दी कि सरकारी सेवाओं में 35% आरक्षण महिलाओं के लिए लागू किया गया है। पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित 3% पदों को जोड़ने पर यह आंकड़ा कुल 37% तक पहुँचता है। इसके चलते बड़ी संख्या में महिला कर्मियों की नियुक्ति हो रही है, जिनकी पोस्टिंग ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में भी की जाती है।

महिला कर्मियों की सुरक्षा बनी चिंता का विषय

ग्रामीण क्षेत्रों में महिला कर्मियों को आवास की सुविधा न होने के कारण उन्हें दूर-दराज के इलाकों में रहना पड़ता है, जिससे सुरक्षा और सुविधा दोनों में दिक्कत आती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है कि महिला कर्मियों को उनके ड्यूटी स्थान के आसपास किराये पर मकान लेकर सरकारी आवासीय सुविधा दी जाएगी।

कैसे मिलेगा आवास?

सरकार द्वारा तैयार की गई नई नीति के तहत:

  • अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अपने क्षेत्र में महिला कर्मियों के लिए मकान देने को इच्छुक मकान मालिकों से आवेदन मांगेंगे।
  • एक जिला स्तरीय कमेटी, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी (DM) करेंगे, इन आवेदनों की जांच करेगी और मकानों का चयन करेगी।
  • चयनित मकान मालिकों से लीज एग्रीमेंट किया जाएगा।
  • महिला कर्मी अपने कार्यालय प्रधान के माध्यम से SDO को आवेदन देकर इस सुविधा का लाभ ले सकेंगी।
  • जिन्हें यह सुविधा मिलेगी, उन्हें हाउस रेंट अलाउंस (HRA) नहीं दिया जाएगा।
  • किसी प्रकार की शिकायत की स्थिति में SDO उसका निराकरण करेंगे।

2025-26 के बजट में हुई थी घोषणा

इस नीति की घोषणा बिहार सरकार ने वर्ष 2025-26 के बजट में की थी, जिसमें विशेष रूप से महिला सिपाहियों और अन्य महिला कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया था।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

नीतीश सरकार के इस फैसले को महिला सशक्तिकरण और सुरक्षित कार्यस्थल के लिए अहम कदम माना जा रहा है। इससे महिला कर्मियों को सुरक्षित, सुलभ और सुविधाजनक वातावरण मिलेगा, जिससे वे बेहतर तरीके से अपनी सेवाएं दे सकेंगी।

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