नवगछिया (बिहार): जिले के रंगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत मंगलवार सुबह एक नाबालिग युवती का क्षत-विक्षत शव मक्के के खेत से बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव मिलने की खबर के बाद मौके पर परिजन, ग्रामीण और पुलिस प्रशासन पहुंचा। एफएसएल की टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंच कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है मामला?
मृतका के परिजनों ने बताया कि लड़की 30 मई को ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए घर से निकली थी और वापस नहीं लौटी। इस संबंध में रंगरा थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, लेकिन परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
मृतका के पिता ने कहा,
“मैंने अपनी बेटी को अफसर बनाने का सपना देखा था। उसकी लाश खेत में मिली है। हाथ बंधे हुए थे, कागज बिखरे पड़े थे। यह पुलिस की लापरवाही का नतीजा है।”
विधायक पुत्र ने दी आंदोलन की चेतावनी
घटना के बाद इलाके के विधायक गोपाल मंडल के पुत्र आशीष मंडल ने भी पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा,
“31 मई को गुमशुदगी का आवेदन लेकर परिजन जब थाना पहुंचे तो वहां मौजूद दारोगा ने आवेदन लेने से मना कर दिया। पुलिस की इसी लापरवाही से लड़की की जान गई। अगर 15 दिन के भीतर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो हम आमरण अनशन करेंगे।”
पुलिस का पक्ष
रंगरा थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा,
“30 मई को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस युवती की तलाश कर रही थी। घटना दुखद है, मामले की गहन जांच की जा रही है।”
अभी तक क्या हुआ?
- एफएसएल टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए
- कई थानों की पुलिस मौके पर तैनात
- शव की पहचान मृतका के परिजनों ने की
- परिजनों व ग्रामीणों में आक्रोश
यह मामला अब सियासी रंग भी लेता जा रहा है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और परिजन पुलिस पर लगातार लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।


