पटना।राज्य में विद्युत आपूर्ति की बेहतर व्यवस्था और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली सुविधा देने को लेकर ऊर्जा सचिव श्री पंकज कुमार पाल ने मंगलवार को एक अहम समीक्षा बैठक की। बैठक में एनबीपीडीसीएल के एमडी श्री राहुल कुमार सहित मुख्यालय और क्षेत्रीय स्तर के सभी अभियंता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए शामिल हुए।
ऊर्जा सचिव ने साफ तौर पर निर्देश दिया कि पावर कट, लो वोल्टेज, ट्रांसफॉर्मर या तार क्षति जैसी समस्याओं की माइक्रो लेवल पर निगरानी की जाए और इनकी त्वरित मरम्मत व पुनर्स्थापना सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति की बहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
शिकायतों का तत्काल समाधान अनिवार्य
बैठक में सचिव ने सभी सहायक और कनीय अभियंताओं को निर्देश दिया कि विद्युत उपभोक्ताओं की हर शिकायत को गंभीरता से लें। चाहे वह बिजली कटौती हो, वोल्टेज की समस्या या फ्यूज कॉल — हर शिकायत का तत्काल और पारदर्शी समाधान किया जाए।
उन्होंने कहा कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी इस कार्य में लापरवाही करेगा, उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
फ्यूज कॉल प्रणाली को और प्रभावी बनाने का आदेश
ऊर्जा सचिव ने फ्यूज कॉल प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने और उपभोक्ताओं की समस्याओं का शीघ्र निवारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि शिकायत निवारण प्रणाली को इतना मजबूत बनाया जाए कि उपभोक्ता को बार-बार अपनी समस्या दर्ज कराने की ज़रूरत न पड़े।
मानसून और आपदाओं के लिए पहले से तैयारी का निर्देश
आगामी मानसून और संभावित प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए सचिव ने कहा कि बिजली पुनर्स्थापन के लिए आपदा प्रबंधन की निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंधी, तूफान, ओलावृष्टि जैसी आपदाओं के बाद बिजली आपूर्ति की बहाली युद्धस्तर पर की जाए। इसके लिए पहले से रेस्पॉन्स मैकेनिज़्म तैयार रखने के निर्देश दिए।
सचिव ने यह भी कहा कि समाचार पत्रों या मीडिया रिपोर्ट्स में आने वाली बिजली समस्याओं पर भी तुरंत कार्रवाई की जाए, ताकि जनता को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।


