
पटना, बिहार | जून 2025 – पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों के लिए एक बड़ी सौगात की तैयारी की है। जयनगर से पटना तक संचालित नमो भारत मेट्रो एक्सप्रेस को अब बक्सर तक विस्तार देने की योजना पर काम चल रहा है। प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका है और स्वीकृति मिलने के बाद जल्द ही यात्रियों को इस अत्याधुनिक ट्रेन सेवा का लाभ बक्सर और आरा तक भी मिलेगा।
नमो मेट्रो: पारंपरिक पटरियों पर आधुनिक अनुभव
नमो भारत एक्सप्रेस, जिसे अक्सर “नमो मेट्रो” के नाम से जाना जाता है, पारंपरिक रेलवे ट्रैक पर मेट्रो जैसी सुविधाएं प्रदान करती है। इसका डिज़ाइन न केवल आकर्षक है, बल्कि आधुनिक तकनीकों से भी लैस है। ट्रेन की अधिकतम गति 120 किमी प्रति घंटा है और इसमें उपलब्ध हैं:
- ऑटोमेटिक डोर लॉक सिस्टम
- आरामदायक सीटें और खड़े होने की पर्याप्त जगह
- मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट्स
- एयर कंडीशन्ड इंटीरियर
बक्सर तक विस्तार से किन जिलों को होगा लाभ?
यदि यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो यह ट्रेन जयनगर, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, बरौनी, मोकामा, पटना, और अब आरा और बक्सर जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुज़रेगी। इससे इन इलाकों के लाखों यात्रियों को सुविधा मिलेगी और क्षेत्रीय आवागमन पहले से कहीं अधिक तेज और आरामदायक होगा।
प्रस्ताव की प्रमुख बातें:
- ट्रेन नंबर 94803 नमो भारत रैपिड एक्सप्रेस को इस महीने के अंत तक बक्सर तक बढ़ाया जा सकता है।
- दानापुर मंडल ने इस विस्तार का प्रस्ताव हाजीपुर रेलवे मुख्यालय को भेजा है।
- प्रतिदिन 600 से अधिक अतिरिक्त यात्री इस विस्तार का लाभ उठा सकेंगे।
- वर्तमान में ट्रेन में 16 कोच हैं, जिन्हें भविष्य में बढ़ाया जा सकता है।
ट्रेन का शेड्यूल और किराया:
- जयनगर से प्रस्थान: सुबह 5:28 बजे
- पटना पहुंच: सुबह 10:30 बजे
- वापसी (पटना से): शाम 6:05 बजे
- जयनगर आगमन: रात 11:45 बजे
किराया:
- स्लीपर क्लास (SC): ₹340
- साधारण टिकट: ₹85
(आरा और बक्सर के लिए किराया जल्द निर्धारित किया जाएगा।)
बिहार में हाई-स्पीड रेल परिवहन का भविष्य
गुजरात के बाद बिहार दूसरा राज्य है जहां इस प्रकार की मेट्रो-प्रेरित आधुनिक ट्रेन सेवा शुरू हुई है। पटना जंक्शन पर इस ट्रेन की नियमित देखरेख होती है, जहां यह लगभग 5 घंटे तक खड़ी रहती है। इसी खाली समय का बेहतर उपयोग करते हुए इसके विस्तार की योजना बनाई गई है।
रेल मंत्रालय के अनुसार, बक्सर तक इस सेवा के विस्तार से यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और इससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।


