सेवानिवृत्त केंद्र सरकार कर्मचारियों के लिए खुशखबरी: एकीकृत पेंशन योजना (UPS) के तहत मिलेगा एनपीएस के अतिरिक्त लाभ, 10 राज्यों के लगभग 25,000 कर्मचारी होंगे लाभान्वित

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के अंतर्गत आने वाले अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को राहत देते हुए एकीकृत पेंशन योजना (UPS) के तहत अतिरिक्त लाभ देने की घोषणा की है। वे एनपीएस ग्राहक जो 31 मार्च 2025 को या उससे पहले कम से कम 10 वर्षों की अर्हक सेवा पूरी कर चुके हैं और सेवानिवृत्त हो रहे हैं, वे एनपीएस लाभों के अतिरिक्त UPS के अंतर्गत अतिरिक्त वित्तीय सहायता का दावा कर सकते हैं।

कौन कर सकता है UPS लाभ का दावा?

UPS लाभ का दावा वे सभी केंद्र सरकार के NPS ग्राहक कर सकते हैं:

  • जिन्होंने न्यूनतम 10 वर्ष की अर्हक सेवा पूरी की है, और
  • जो 31 मार्च 2025 या उससे पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं या हो रहे हैं।

इनके अलावा, ऐसे सेवानिवृत्त कर्मचारियों के विधिवत विवाहित जीवनसाथी भी इन लाभों का दावा कर सकते हैं।

UPS के तहत मिलने वाले लाभ:

  1. एकमुश्त भुगतान: प्रत्येक पूर्ण की गई 6 माह की अर्हक सेवा के लिए, अंतिम आहरित मूल वेतन और उस पर महंगाई भत्ते का दसवां हिस्सा।
  2. मासिक टॉप-अप राशि: UPS भुगतान + महंगाई राहत (DR) से NPS की वार्षिकी राशि घटाकर तय की जाएगी।
  3. साधारण ब्याज सहित बकाया: PPF दरों के अनुसार।

बड़ी संख्या में होंगे लाभान्वित

देशभर में लगभग 25,000 केंद्र सरकार के एनपीएस ग्राहक इस योजना के अंतर्गत पात्र हैं। इनमें से अधिकांश निम्नलिखित 10 राज्यों से हैं:

  • उत्तर प्रदेश
  • पश्चिम बंगाल
  • महाराष्ट्र
  • तमिलनाडु
  • बिहार
  • केरल
  • आंध्र प्रदेश
  • कर्नाटक
  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश

यह आंकड़ा दिखाता है कि UPS योजना का लाभ विशेष रूप से इन राज्यों के हजारों परिवारों के लिए वित्तीय संबल का स्रोत बनेगा।

लाभ का दावा कैसे करें?

दो माध्यमों से लाभ का दावा किया जा सकता है:

  1. भौतिक फॉर्म के माध्यम से:
    • संबंधित DDO (ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर) के पास जाकर फॉर्म जमा करें।
    • फॉर्म B2 (ग्राहक के लिए), B4/B6 (विवाहित जीवनसाथी के लिए) www.npscra.nsdl.co.in/ups.php से डाउनलोड करें।
  2. ऑनलाइन माध्यम से:

लाभ का दावा करने की अंतिम तिथि: 30 जून, 2025

अधिक जानकारी और मार्गदर्शन के लिए:

  • UPS हेल्प डेस्क (टोल-फ्री): 1800 571 2930
  • वेबिनार जानकारी: PFRDA Webinar लिंक

 

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