तेतरी वाली मैया के दरबार में रचा गया अनोखा इतिहास: तीसरे सामूहिक विवाह महोत्सव में 25 जोड़े बने जीवनसाथी

भागलपुर (नवगछिया)। समाज सेवा और समरसता की मिसाल बने तेतरी दुर्गा मंदिर परिसर में रविवार को एक बार फिर इतिहास रचा गया, जहां तीसरे निशुल्क सामूहिक विवाह महोत्सव के दौरान 25 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। यह आयोजन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है।

इस विशेष आयोजन में वंचित, निर्धन, विकलांग और असहाय वर्गों के युवक-युवतियों को सम्मानपूर्वक विवाह संस्कार से जोड़ा गया। आयोजन का उद्देश्य था – सिर्फ जोड़ें नहीं, समरसता भी बढ़ाएं।

सभी व्यवस्थाएं आयोजन समिति की ओर से

वर-वधु के वस्त्र, श्रृंगार, भोजन, विवाह रस्में और विदाई की सभी व्यवस्थाएं आयोजन समिति द्वारा की गईं। विवाह मंडप में सांस्कृतिक और धार्मिक माहौल के बीच सभी जोड़ें एक-दूसरे के हमसफर बने।

नवजीवन की शुरुआत को मिला सहयोग

नवदंपतियों को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से आयोजकों और अतिथियों की ओर से उपयोगी उपहार भी भेंट किए गए।

  • समाजसेवी प्रेम सागर उर्फ डब्लू यादव ने सभी को सिलाई मशीन प्रदान की।
  • रंगरा प्रखंड प्रमुख ने कूलर भेंट किए।
  • अन्य मंचों की ओर से कुकर, बर्तन, गद्दे जैसी आवश्यक सामग्री दी गई।

हर जोड़ी बनी उम्मीद की नई मिसाल

इस आयोजन में शामिल हर जोड़ा संघर्ष और आशा की कहानी लेकर आया।
काजल, कृष्णा, मुस्कान, सोनू, प्रीति, अमरेश, अनिशा, विभाष, गुंजन, गुड्डू जैसे नाम नई ज़िंदगी की शुरुआत का प्रतीक बन गए हैं।

संदेश साफ है: विवाह दिखावा नहीं, सामाजिक समर्पण है

तेतरी वाली मैया के इस पवित्र दरबार में हुए विवाह महोत्सव ने एक बार फिर साबित किया कि विवाह केवल रिवाज नहीं, सामाजिक न्याय और समानता का पर्व भी हो सकता है।


 

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