बिहार की जेलों में कैदियों को मिलेगा डिजिटल सशक्तिकरण का अवसर, गृह विभाग और NIELIT के बीच हुआ समझौता

पटना, 23 मई 2025:बिहार सरकार के गृह विभाग (कारा एवं सुधार सेवाएँ) द्वारा एक सराहनीय पहल के तहत राज्य की काराओं में बंदियों को कंप्यूटर कॉन्सेप्ट और डिजिटल साक्षरता का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस उद्देश्य से आज राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT), पटना के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस प्रशिक्षण का उद्देश्य कारा में संसीमित विचाराधीन एवं सजावार बंदियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है, जिससे वे जेल से रिहाई के बाद आत्मनिर्भर बन सकें और डिजिटल क्षेत्र में रोजगार के अवसर पा सकें।

प्रथम चरण में तीन केन्द्रीय काराओं में पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत:

  • आदर्श केन्द्रीय कारा, बेऊर (पटना)
  • केन्द्रीय कारा, बक्सर
  • शहीद खुदीराम बोस केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर

इन जेलों में बंदियों को NIELIT, पटना के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। राज्य की कुल 41 काराओं में प्रशिक्षण की योजना के तहत पहले ही आवश्यक कंप्यूटर उपकरणों की आपूर्ति की जा चुकी है।

समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के दौरान प्रमुख उपस्थितिगण:

  • श्री संजीव जमुआर, संयुक्त सचिव-सह-निदेशक प्रशासन, गृह विभाग (कारा)
  • प्रो. (डॉ.) नितिन कुमार पुरी, कार्यकारी निदेशक, NIELIT
  • श्री विनोद कुमार प्रभास्कर, बंदी कल्याण पदाधिकारी
  • श्री मनीष कुमार झा, वैज्ञानिक ‘D’, NIELIT
  • श्रीमती ज्योत्स्ना सिंह, प्रोबेशन पदाधिकारी
  • श्री यशवंत झा, आईटी मैनेजर, NIELIT

सशक्तिकरण की दिशा में एक नई पहल:
यह परियोजना न केवल बंदियों के कौशल विकास को बढ़ावा देगी, बल्कि समाज में पुनर्वास और पुनःस्थापना की संभावनाओं को भी मजबूत करेगी। यह डिजिटल इंडिया की भावना को कारागार की चारदीवारी के भीतर भी जीवंत करती है।


 

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