जीविका एवं पंजाब नेशनल बैंक के सहयोग से वित्तीय समावेशन कार्यक्रम, ग्रामीण महिलाओं को मिला आर्थिक संबल

पटना, 23 मई 2025: बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत जीविका और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के सहयोग से आयोजित वित्तीय समावेशन कार्यक्रम के माध्यम से राज्य की ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम पहल की गई। इस कार्यक्रम में जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्री हिमांशु शर्मा, PNB के वरिष्ठ अधिकारीगण सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।

आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ती महिलाएं

कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं को क्रेडिट सहायता प्रदान करना है, जिससे वे आजीविका गतिविधियों जैसे पशुपालन, हस्तशिल्प, सिलाई-कढ़ाई, खुदरा व्यापार आदि के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकें। अब तक इस बैंक लिंकेज कार्यक्रम के तहत ₹150 करोड़ का ऋण सहायता प्रदान किया गया है।

व्यक्तिगत ऋण सुविधा: आत्मनिर्भरता की नई राह

यह सहयोग अब समूह स्तर तक सीमित नहीं है। जीविका और PNB द्वारा व्यक्तिगत ऋण (Individual Loan) की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वे महिलाएं जो कोई स्वतंत्र उद्यम शुरू करना चाहती हैं, उन्हें प्रत्यक्ष ऋण सहायता मिल सके।

कार्यक्रम में ग्राहक सेवा केंद्र संचालन हेतु दीदियों को निधि प्रदान की गई तथा बीमा योजना के अंतर्गत 2 लाभार्थियों के परिजनों को ₹2-2 लाख रुपये के चेक वितरित किए गए।

‘लखपति दीदी’ योजना बनी प्रेरणा का स्रोत

कार्यक्रम में “लखपति दीदी” योजना पर भी विशेष चर्चा हुई, जिसका लक्ष्य है जीविका से जुड़ी हर दीदी की वार्षिक आय ₹1 लाख या उससे अधिक सुनिश्चित करना। इस दिशा में PNB की ऋण योजनाएं महिलाओं को सूक्ष्म उद्यमी बनने में सहयोग कर रही हैं। चयनित दीदियों को प्रशिक्षण, बाजार से जोड़ने की सुविधा और वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में बेबी रंजन, मनीषा देवी एवं शोभा देवी जैसी जीविका दीदियों ने अपने अनुभव साझा किए, जिन्होंने समूह और बैंक से लोन लेकर ‘लखपति’ बनने का सफर तय किया।

नेतृत्व की बातें

जीविका के CEO श्री हिमांशु शर्मा ने कहा, “वित्तीय समावेशन केवल बैंक खाता खोलना नहीं, बल्कि महिलाओं के जीवन को बदलने की प्रक्रिया है। जब महिलाएं आत्मनिर्भर होती हैं, तब पूरा गांव और राज्य प्रगति करता है।” उन्होंने बताया कि अब तक जीविका परियोजना के माध्यम से ₹12,000 करोड़ से अधिक की राशि उपलब्ध कराई गई है और विभिन्न बैंकों के सहयोग से ₹60,000 करोड़ से अधिक का ऋण SHGs को प्रदान किया गया है।

PNB के CEO श्री अशोक चंद्र ने कहा कि “यह साझेदारी केवल बैंकिंग सेवा नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का माध्यम है। महिला समूहों में ऋण चुकता करने की प्रवृत्ति बेहद सराहनीय रही है।” उन्होंने यह भी घोषणा की कि इस वर्ष 50,000 से अधिक दीदियों को व्यक्तिगत ऋण प्रदान किया जाएगा।

यह कार्यक्रम राज्य की ग्रामीण महिलाओं के लिए वित्तीय समावेशन का एक मजबूत मॉडल बनकर उभरा है। जीविका और पंजाब नेशनल बैंक की यह भागीदारी आने वाले वर्षों में लाखों दीदियों को आर्थिक विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


 

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