
भागलपुर। पॉक्सो के एक गंभीर मामले में कहलगांव थानेदार की लापरवाही और कोर्ट आदेश की अवहेलना पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। एडीजे सह पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश प्रणव कुमार भारती की अदालत ने कहलगांव थानेदार के वेतन पर रोक लगाने का आदेश दिया है। इसके लिए अदालत ने एसएसपी भागलपुर को निर्देशित किया है।
कोर्ट आदेश की लगातार अवहेलना
मामले में अदालत ने कहा है कि थानेदार न तो अभियुक्त को गिरफ्तार कर कोर्ट में प्रस्तुत कर पाए और न ही कोर्ट द्वारा जारी शोकॉज नोटिस का जवाब दाखिल किया। कोर्ट ने इसे न्यायिक आदेश की अवमानना और थानेदार की मनमानी करार दिया।
2023 से लंबित है अनुपालन
कोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 में अभियुक्तों के विरुद्ध समन जारी किया गया था, लेकिन अभियुक्त पेश नहीं हुए। इसके बाद अजमानतीय वारंट जारी किया गया, परंतु 15 महीने बीत जाने के बावजूद न तो अभियुक्त गिरफ्तार हुए, न ही वारंट का अनुपालन प्रतिवेदन अदालत में सौंपा गया।
अदालत की टिप्पणी
न्यायालय ने स्पष्ट कहा है कि इस तरह की लापरवाही से न्याय प्रक्रिया बाधित होती है और यह थानेदार के गैर-जिम्मेदाराना रवैये को दर्शाता है। अदालत ने एसएसपी से जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।


