
पटना: बिहार की राजधानी पटना में मानसून के आगमन से पहले सड़क मरम्मत और नाला निर्माण को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। बिहार राज्य शहर आधारभूत संरचना विकास निगम (बुडको) ने 11 प्रमुख सड़कों का कार्य पूरा कर लिया है, जिन्हें अब पथ निर्माण विभाग को सौंपा जाएगा ताकि उनकी मरम्मत कर उन्हें मोटरेबल बनाया जा सके।
वहीं, नेहरूपथ को काटने की योजना पर फिलहाल रोक लगा दी गई है, ताकि बारिश के मौसम में जलजमाव और ट्रैफिक की परेशानी से बचा जा सके।
11 सड़कों का काम लगभग पूरा
नमामि गंगे योजना और नाला निर्माण कार्यों के तहत पटना की 11 सड़कों पर掘ाई और सीवरेज लाइन बिछाने का काम किया गया था। अब ये काम अंतिम चरण में हैं और अगले 1-2 दिनों में ये सड़कें पथ निर्माण विभाग को हैंडओवर कर दी जाएंगी।
बुडको अधिकारियों के अनुसार:
- कुर्जी बालूपर की सड़क का काम पूरा हो चुका है
- बोरिंग रोड की संतुष्टि गली का नाला कार्य समाप्त
- सहदेव महतो मार्ग का काम इस सप्ताह पूरा
- पोलसन से राजीवनगर तक बनाए जा रहे नाले का कार्य लगभग समाप्त
पथ निर्माण विभाग करेगा मरम्मत
जैसे ही बुडको इन सड़कों को पथ निर्माण विभाग को सौंपेगा, विभाग एक हफ्ते के भीतर मरम्मत का कार्य शुरू कर देगा। इसका उद्देश्य है कि मानसून शुरू होने से पहले सड़कें चलने योग्य बन जाएं, जिससे आमजन को राहत मिले।
नेहरूपथ काटने पर लगी अस्थायी रोक
राजवंशीनगर हनुमान मंदिर तक सड़क निर्माण पूरा कर लिया गया है, लेकिन उसके आगे नेहरूपथ को काटने का कार्य मानसून के बाद किया जाएगा। प्रशासन को आशंका है कि इस कार्य से जलजमाव और यातायात बाधित हो सकता है, इसलिए इसे वर्षा समाप्त होने के बाद किया जाएगा।
क्या है योजना का उद्देश्य?
इस समग्र योजना का लक्ष्य है:
- बारिश से पहले शहर की सड़कों की मरम्मत
- जलजमाव की समस्या को कम करना
- नमामि गंगे योजना और सीवरेज कार्य को समय पर पूरा करना
- ट्रैफिक और नागरिकों की समस्याओं को न्यूनतम रखना


